उत्तर प्रदेशलखनऊ

मुरादाबाद मंडल में अभियोजन को मिलेगी नई गति : अपर निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने संभाला कार्यभार, संगठित अपराधियों पर रहेगा विशेष फोकस

मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश अभियोजन विभाग में प्रशासनिक एवं न्यायिक कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपर निदेशक अभियोजन श्री राजेश कुमार शुक्ला ने 31 जुलाई 2026 को मुरादाबाद मंडल का अतिरिक्त कार्यभार ग्रहण कर लिया है। वह पहले से ही बरेली मंडल के अपर निदेशक अभियोजन के रूप में कार्यरत हैं। उल्लेखनीय है कि श्री शुक्ला इससे पूर्व 12 नवंबर 2019 से 4 जुलाई 2023 तक जनपद मुरादाबाद में संयुक्त निदेशक अभियोजन के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। स्थानीय न्यायिक एवं अभियोजन व्यवस्था का उनका अनुभव मंडल के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया है कि अभियोजन की गुणवत्ता, समयबद्ध न्याय तथा दोषसिद्धि की दर बढ़ाना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। इसके लिए मंडल के सभी जनपदों में संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण वादों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।

उनकी प्राथमिकताओं में प्रत्येक जनपद के टॉप-10 अपराधी, 69 चिन्हित माफिया, महिलाओं के विरुद्ध अपराध, जिनमें बलात्कार, बलात्कार के साथ हत्या, अपहरण, दहेज मृत्यु, लज्जाभंग, शीलभंग एवं यौन उत्पीड़न के मामले शामिल हैं, विशेष रूप से रहेंगे। इसके अतिरिक्त एनडीपीएस एक्ट, गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम,हत्या, आपराधिक मानव वध, एसिड अटैक, जहरीली शराब से मृत्यु, डकैती, अपहरण, पॉक्सो अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता, गोवध निवारण अधिनियम, आयुध अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, विस्फोटक अधिनियम, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम सहित कुल 29 श्रेणियों के मामलों की विशेष निगरानी की जाएगी।

श्री शुक्ला ने लंबित वादों के शीघ्र निस्तारण पर भी विशेष बल दिया है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि जिन मामलों में अभियुक्त दोषमुक्त होते हैं, उनकी निर्णय की तिथि से 15 दिन के भीतर विमुक्ति आख्या (Acquittal Review) समिति द्वारा अनिवार्य समीक्षा कराई जाए। यदि दोषमुक्ति न्यायोचित नहीं पाई जाती है तो एक माह के भीतर शासन को अपील का प्रस्ताव प्रत्येक दशा में भेजा जाए, जिससे किसी भी महत्वपूर्ण मामले में अपील की समय-सीमा प्रभावित न हो।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गुण्डा एक्ट के अंतर्गत जिला बदर की कार्यवाहियों, गिरोहबन्द अधिनियम की धारा 14(1) के अंतर्गत संपत्ति कुर्की, साक्षी सुरक्षा योजना, उत्तर प्रदेश पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना तथा उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष योजना से जुड़े प्रकरणों का भी त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित कराया जाएगा।

सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित जनपदों की प्रगति में सुधार भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए गिरोहबन्द अधिनियम, पॉक्सो एक्ट, एससी/एसटी एक्ट, गुण्डा एक्ट तथा जघन्य अपराधों से संबंधित लंबित मामलों का अधिकतम निस्तारण कराकर मंडल के जनपदों की रैंकिंग बेहतर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इसके अतिरिक्त गोवध अधिनियम, गिरोहबन्द अधिनियम, एनडीपीएस एक्ट के वाणिज्यिक (Commercial Quantity) मामलों तथा अन्य जघन्य अपराधों में स्वीकृत जमानतों की प्रत्येक माह मंडल स्तर पर समीक्षा की जाएगी। जिन मामलों में विधिक आधार उपलब्ध होगा, उनमें जमानत निरस्तीकरण की प्रभावी कार्यवाही भी कराई जाएगी।

अभियोजन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि श्री राजेश कुमार शुक्ला के अनुभव, न्यायिक दृष्टिकोण तथा अनुश्रवण आधारित कार्यशैली से मुरादाबाद मंडल में अभियोजन व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा गंभीर अपराधों में दोषसिद्धि की दर बढ़ाने के साथ-साथ समयबद्ध न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण परिणाम प्राप्त होंगे।

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