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पेपर लीक बहस के दौरान विपक्षी दलों ने खोया सुनहरा अवसर

मृत्युंजय दीक्षित


केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में बार -बार होने वाली पेपर लीक व अन्य गड़बड़ियों की रोकथाम के लिए लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक विपक्ष के भारी हंगामे के बीच लोकसभा से ध्वनिमत से करा लिया। इस विधेयक पर बहस के दौरान यह बात स्पष्ट हो गई कि विरोधी दल छात्र हितैषी बनने का केवल दिखावा कर रहे थे। उनका वास्तविक उद्देश्य छात्रों के नाम पर संसदीय कामकाज को लटकाना, भटकाना व अटकाना ही था। कांग्रेस सहित विरोधी दलों के सांसदों ने पेपरलीक के मुद्दे पर केवल हंगामा और ओछी व गलत बयानबाजी ही करी।

लोकसभा की बहस ने राहुल गांधी के नेतृत्व में संपूर्ण विपक्ष द्वारा छात्र आंदोलन की आड़ में देश को अराजकता की आग में झोंक कर उसमें अपनी राजनीतिक रोटिया सेंकने के सपने को चूर चूर कर दिया है। बहस के दौरान राजग गठबंधन के सांसदों ने स्पष्ट कर दिया कि पेपर लीक माफिया को मिट्टी में मिलाने का काम एनडीए सरकार में ही होगा जबकि विरोधी दल पूरी तरह से दिशाहीन और विभाजित दिखाई दिए। एनडीए सांसदों ने विपक्ष को तथ्यों, तर्कों व आंकड़ों से बेअसर व हताश कर दिया।

अपनी आदत से मजबूर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्र्रा ने सदन के पटल पर गलत आंकडे़ रखे। पेपर लीक रोकने के लिए सरकार द्वारा बनाई गई टास्क फ़ोर्स में शामिल डॉ वी. कामकोटि को गौ-मूत्र विशेषज्ञ कहकर उनका उपहास उड़ाया। वी. कामकोटि के 150 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। प्रियंका गाँधी को इस बात का न केवल संसद वरन सोशल मीडिया पर भी करारा जवाब मिला। कांग्रेस को इस बात का भी दर्द हो रहा होगा कि आधार के डिजाइनर नंदन नीलेकणि जो कभी कांग्रेस के साथ थे और 2014 में कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव भी लड़े थे आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के साथ खड़े हैं।

कांग्रेस की बहस में रही सही धार राहुल गांधी ने संसद में इडियट और अंधभक्त भक्त जैसे अमर्यादित शब्दों का उपयोग करके कुंद कर दी और बता दिया कि अब यह मुद्दा उनके हाथ से जा चुका है। उन्होंने दिल्ली में छात्र आंदोलन के दौरान छात्रों पर गोली चलने का झूठा दावा किया और गृहमंत्री अमित शाह पर हमलावर हो गए। उन्होंने यह दावा भी कर दिया कि छात्र आंदोलन के दौरान गृह मंत्री विदेश चले गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि गृहमंत्री के काफिले में तीस गाड़ियाँ हैं। राहुल गांधी का पूरा बयान हताशा और निराशा से भरा हुआ और झूठ का पुलिंदा मात्र था। राहुल गाँधी हमेशा की तरह बहस के बजाए नौटंकी करते दिखे। खुले माइक पर माइक बंद होने का आरोप लगाया।

उधर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने अपना मुद्दा ही बदल दिया ओैर चढ़ावा चोर, गद्दी छोड़ का नारा लगाने लगे । सपा मुखिया ने कहा कि जो लोग मंदिरों मे चढावा चोरी नहीं रोक सकते वह पेपर लीक क्या रोक पाएंगे। बहस के दौरान इंडी गठबंधन के सभी सांसद कुंठित नजर आ रहे थे।

एनडीए सांसदों ने पूरी तैयारी के साथ बहस में भाग लेकर विरोधियो व उनकी रणनीति को बेनकाब किया। विधेयक प्रस्तुत करते समय केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने 2014 के पूर्व पेपर लीक जैसी तमाम घटनाओं का विवरण सदन के पटल पर रखा और फिर बांसुरी स्वराज और तेजस्वी सूर्या से लेकर अनुराग ठाकुर तक ने अपने तथ्यों से विपक्ष की पोल खोल दी। सदन में सरकार की ओर से बताया गया कि परीक्षा को लेकर देश प्रदेशों में तरह- तरह की घटनाएं होती रही हैं जिनमें पेपर लीक भी है। यह एक प्रदेश या एक सरकार तक सीमित नहीं है।

2009 में रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षा, बंगाल संयुक्त प्रवेश परीक्षा, 2010 में उत्तर प्रदेश में बीएड प्रवेश परीक्षा, 2011 में आल इंडिया एंट्रेंस एग्जाम, 2012 में एम्स दिल्ली का पेपर लीक, तमिलनाडु पब्लिक सर्विस कमीशन पेपर लीक, 2023 में महाराष्ट्र सेकेंडरी सर्टिफिकेट परीक्षा पेपर लीक जैसी घटनाएं घटीं। भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज अनुराग ठाकुर ने बताया कि 2014 के पूर्व यूपीए -2 के शासनकाल में 22 बार पेपर लीक की घटनाएं हुईं। राजस्थान में कांग्रेस सरकार, बंगाल में टीएमसी, यूपी में सपा के शासनकाल में तो नकल माफिया का महामंत्र ही विकसित हो गया था।

अब बिल लोकसभा से पास हो चुका है, इंडी गठबंधन के नेताओं को जो कहना है जो आरोप लगाना है लगाते रहें अन्ततः नया कानून ही सच्चाई होगी। छात्रों के नाम पर बनी सीजेपी भी बेनकाब हो चुकी है। दिल्ली पुलिस ने 2000 से अधिक अपराधियों की जंतर मंतर पर उपस्थिति चिह्नित की है । छात्रों को ध्यान रखना होगा कि 1973 से लेकर 1984 तक विभिन्न छात्र आंदोलनों के दौरान कम से कम 800 छात्रों की पुलिस की गोली व लाठी से मौत हुई थी तब देश में कांग्रेस की सरकारें ही थी। गांधी परिवार परिवार छात्र आंदोलन की आड़ में केवल अपनी वंशवादी राजनीति को धार देने और देश की जनता को भ्रमित व अराजकता की आग में झोकने का काम कर रहा है।

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