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उप्र की गौशालाएं बनेंगी आत्मनिर्भर, तैयार होगी सीएनजी : धर्मपाल सिंह

  • विकास के साथ सुरक्षा की प्राथमिकता पर कार्य कर रही सरकार

कानपुर। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार गौशालाओं को लेकर गंभीर है। विपक्ष इस पर सिर्फ राजनीति कर रहा है और सरकार कार्य कर रही है। इस साल के अंत तक उत्तर प्रदेश की गौशालाओं को आत्मनिर्भर बना दिया जाएगा। गौशालाओं के गोबर से सीएनजी बनाई जाएगी। यह बातें सोमवार को कानपुर पहुंचे प्रभारी मंत्री व पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कही।

कानपुर का प्रभार मिलने के बाद पहली बार पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह कानपुर पहुंचे। सबसे पहले सर्किट हाउस में रुके और कुछ लोगों से मुलाकात कर शहर में बीते दिनों हुई हिंसा पर चर्चा की। इसके बाद वह विकास भवन पहुंचे जहां पर समीक्षा बैठक में अधिकारियों से एक एक योजना पर सवाल जवाब किये। मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में विकास ही प्रमुख मुद्दा है। इसके साथ ही सुरक्षा को भी प्राथमिकता में रखा जा रहा है। योगी सरकार में गलत कार्य करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

हेल्पलाइन से गौवंशों को मिलेगा इलाज

कानपुर में मेट्रो का कार्य तेजी से चल रहा है और पहले चरण के तहत शहरवासी मेट्रो का लुत्फ भी उठा रहे हैं। विकास की योजनाओं में जो भी जिम्मेदार अधिकारी लापरवाही करेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से समाज के हर वर्ग को मिल रहा है। निराश्रित गौवंशों को सरंरक्षित किया जा रहा है, जिससे किसानों को भी लाभ मिलेगा। कोई भी गोवंश इलाज के आभाव में दम न तोड़े इसके लिए हेल्पलाइन 1962 जल्द चालू किया जाएगा। इसके साथ ही गुजरात सरकार से समझौता हुआ है जिसके तहत यहां से शाहीवाल गायें भेजी जाएंगी और वहां से गिरि गायें उत्तर प्रदेश आएंगी।

बनेंगे गौ अभयारण्य

मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री गौवंशों को लेकर बेहद गंभीर हैं। गौवंशों के संरक्षण के लिए सभी मण्डलों पर गौ अभयारण्य बनाएं जाएंगे, इस पर विचार चल रहा है। पहले चरण में कानपुर, बरेली और गोरखपुर में गौ अभयारण्य बनाने की दिशा पर काम किया जा रहा है। गोरखपुर में नेपाल बार्डर के पास 600 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

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