आंधी-तूफान से गिरे पेड़ों के निस्तारण में किसानों को राहत

प्रदेश में आंधी-तूफान और अतिवृष्टि से खेतों व निजी भूमि पर गिरे पेड़ों के निस्तारण में अब किसानों को अनावश्यक परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए जिलाधिकारियों, प्रभागीय वनाधिकारियों (डीएफओ) और उत्तर प्रदेश वन निगम को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि किसानों को पेड़ों की लकड़ी के निस्तारण के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें किसी तरह के मानसिक या आर्थिक उत्पीड़न का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि निजी भूमि और खेतों में गिरे पेड़ों को हटाने तथा उनके निस्तारण के लिए किसानों से प्राप्त आवेदनों पर वन विभाग और उत्तर प्रदेश वन निगम नियमानुसार तत्काल कार्रवाई करें। आवेदन निस्तारण में अनावश्यक देरी न हो। गिरे पेड़ों की लकड़ी के परिवहन के लिए आवश्यक अभिवहन अनुज्ञा पत्र (ट्रांजिट परमिट) प्राथमिकता के आधार पर जारी किए जाएं। यह प्रक्रिया निर्धारित वन नियमों के अनुरूप पूरी की जाएगी।
सड़कों से तत्काल हटाए जाएं गिरे पेड़
योगी ने सार्वजनिक मार्गों पर गिरे पेड़ों को तत्काल हटाने और यातायात बाधित होने की स्थिति का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए हैं। इससे आम लोगों को आवागमन में परेशानी नहीं होगी और यातायात सुचारु बना रहेगा। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों और डीएफओ को संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण करने और पूरी प्रक्रिया की निगरानी करने को कहा है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि गिरे पेड़ों के निस्तारण के दौरान किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
मुख्यमंत्री ने पेड़ों को हटाने और उनकी लकड़ी के निस्तारण की प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा जवाबदेही बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। सभी कार्य निर्धारित वन नियमों के तहत किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार किसानों के साथ खड़ी है और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।





