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चुनावी गणित पर CM योगी का बड़ा बयान : कहा- ‘लाभार्थी की कोई जाति नहीं’, रोजगार, निवेश, पेपर लीक, आवारा पशु और धार्मिक पर्यटन पर भी खुलकर बोले

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक न्यूज एजेंसी के साथ बातचीत में चुनावी गणित, सामाजिक न्याय, रोजगार, निवेश, एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था, पेपर लीक, आवारा पशुओं, खाद की उपलब्धता और धार्मिक पर्यटन समेत कई मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखा।

योगी ने कहा कि बड़े चुनाव के नतीजे किसी एक कारण से नहीं, बल्कि प्रतिनिधित्व, उम्मीदों, स्थानीय मुद्दों, शासन, उम्मीदवार और रोजमर्रा की जिंदगी में सरकार के अनुभव समेत कई कारकों से तय होते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की कोशिश चुनावी समीकरण साधने के बजाय प्रदेश के हर वर्ग को विकास की यात्रा में शामिल करने की रही है। उन्होंने कहा, “लाभार्थी की कोई जाति नहीं होती। लाभार्थी एक ऐसी श्रेणी है जो जाति से ऊपर है और यही हमारा गणित और हमारा राजनीतिक फार्मूला है।”

चुनावी रणनीति पर बोले योगी- कई चीजों से तय होते हैं चुनाव

विपक्ष की पीडीए रणनीति और सहयोगी दलों की राजनीति से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव कई चीजों से तय होते हैं। इनमें प्रतिनिधित्व, लोगों की उम्मीदें, स्थानीय मुद्दे, गवर्नेंस, उम्मीदवार और सरकार के साथ लोगों का रोजमर्रा का अनुभव शामिल है।

योगी ने दावा किया कि 2017 और 2022 में ओबीसी और दलित समुदायों के बड़े हिस्से ने सरकार का समर्थन किया, क्योंकि सरकार ने बिना भेदभाव के योजनाओं का लाभ पहुंचाया। उन्होंने गरीबों को राशन, पक्का घर, पानी, शौचालय और बिजली जैसी सुविधाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सामाजिक न्याय का अर्थ केवल प्रतिनिधित्व नहीं, बल्कि नौकरी, शिक्षा, बुनियादी ढांचे, सुरक्षा और अवसरों तक समान पहुंच भी है।

गठबंधन और सीट बंटवारे पर बोले- संगठन का विषय

गठबंधन और सीटों के बंटवारे से जुड़े सवाल पर योगी ने कहा कि ये संगठन के स्तर पर बातचीत के विषय हैं। मुख्यमंत्री के तौर पर उनकी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि शासन हर समुदाय, हर जिले और हर घर तक पहुंचे।

33.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव का किया जिक्र

रोजगार और निवेश के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार निवेश को आर्थिक गतिविधियों, उद्यम और नौकरियों में बदलने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने 2023 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को 33.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे, जिनसे 93 लाख से ज्यादा नौकरियां पैदा होने की संभावना जताई गई थी। योगी के मुताबिक, इन प्रस्तावों का बड़ा हिस्सा एमओयू चरण से आगे बढ़ चुका है और करीब 7.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश ग्राउंड-ब्रेकिंग के लिए तैयार है।

युवाओं के लिए रोजगार इकोसिस्टम बनाने का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार मानव संसाधन को मानव पूंजी में बदलने पर जोर दे रही है। इसके लिए उद्योग आधारित कौशल विकास, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों पर काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में 96 लाख से अधिक एमएसएमई, 24 हजार से ज्यादा स्टार्टअप और 35 हजार से ज्यादा फैक्ट्रियां हैं। इसके साथ ही औद्योगिक गलियारों के आसपास 27 समन्वित विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स संकुल विकसित किए जा रहे हैं।

योगी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश का युवा केवल सरकारी नौकरी नहीं चाहता। वह प्रदेश में पढ़ाई, काम, कारोबार और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर चाहता है। सरकार का उद्देश्य केवल पलायन रोकना नहीं, बल्कि युवाओं को उत्तर प्रदेश में ही अपना भविष्य बनाने का विकल्प देना है।

1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी पर क्या बोले योगी?

उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश तेजी से आर्थिक विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य का जीएसडीपी 2016-17 में 13.30 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में करीब 36 लाख करोड़ रुपये हो गया है और चालू वित्त वर्ष में इसके करीब 40 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। राज्य के आर्थिक सर्वेक्षण में भी 2025-26 के लिए जीएसडीपी करीब 36 लाख करोड़ रुपये अनुमानित की गई थी।

योगी ने कहा कि अगले चरण में औद्योगिकीकरण, निर्यात, एमएसएमई और बेहतर वैल्यू वाली नौकरियों पर जोर होगा। उन्होंने कहा कि विकास सिर्फ नोएडा और गाजियाबाद तक सीमित नहीं रह सकता। पूर्वांचल और बुंदेलखंड को विकास के अगले चरण का अहम इंजन बनाना होगा।

पूर्वांचल और बुंदेलखंड को लेकर बनाई यह रणनीति

मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और बुंदेलखंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी का उल्लेख किया। वहीं पूर्वांचल के लिए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक क्लस्टरों को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि गोरखपुर उद्योग और माल परिवहन का बड़ा केंद्र बन सकता है। वाराणसी में टेक्सटाइल, हस्तशिल्प, पर्यटन और सेवा क्षेत्र में संभावनाएं हैं, जबकि बुंदेलखंड विनिर्माण और रक्षा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों का केंद्र बन सकता है।

आवारा पशुओं की समस्या पर बोले- सुधार जारी रहेगा

आवारा पशुओं की समस्या पर योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश कृषि प्रधान राज्य है और ग्रामीण जीवन से जुड़ी कुछ पुरानी चुनौतियों को खत्म करने में समय लगता है। सरकार ने पशु आश्रय स्थलों और उनके प्रबंधन की व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि परिणाम दिखाई दे रहे हैं, लेकिन जब तक किसान पूरी तरह सुरक्षित महसूस नहीं करता, तब तक सुधार की प्रक्रिया जारी रहेगी।

खाद की किल्लत पर बोले- जमाखोरी और कालाबाजारी रोकना जिम्मेदारी

प्रदेश में खाद की किल्लत को लेकर उठ रहे सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि किसान को जरूरत के समय खाद उपलब्ध हो। साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में पिछले वर्षों में सुधार हुआ है, लेकिन उत्तर प्रदेश जैसे बड़े कृषि प्रधान राज्य में यह लगातार चलने वाली प्रक्रिया है।

भर्ती और सामाजिक न्याय पर 9.50 लाख नियुक्तियों का जिक्र

सरकारी नौकरियों में आरक्षण से जुड़े सवाल पर योगी ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में संवैधानिक आरक्षण लागू किया गया है। उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में करीब 9.50 लाख नियुक्तियां की गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर किसी परीक्षा में गड़बड़ी हुई तो उसे रद्द कर दोबारा परीक्षा कराई गई, भले ही इससे प्रशासनिक खर्च बढ़ा हो। उनका कहना था कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से उन युवाओं को फायदा होता है, जिनके पास प्रभाव या आर्थिक संसाधन नहीं हैं। हाल में हुई कांस्टेबल और होमगार्ड भर्ती का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 75 हजार से अधिक पदों के लिए युवाओं की भागीदारी यह दिखाती है कि उन्हें चयन प्रक्रिया पर भरोसा है।

पेपर लीक और विरोध प्रदर्शन पर भी रखी बात

पेपर लीक और विरोध प्रदर्शनों से जुड़े सवाल पर योगी ने कहा कि शांतिपूर्ण असहमति, सरकार की आलोचना और वैध विरोध लोकतांत्रिक अधिकार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी असहमति रोकना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि विरोध हिंसा, धमकी, परीक्षा में धोखाधड़ी या सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान में न बदले।

पेपर लीक के संदर्भ में उन्होंने कहा कि कार्रवाई परीक्षा प्रश्नपत्र लीक और उसे बेचने वालों के खिलाफ है, छात्रों के खिलाफ नहीं। उनके मुताबिक, परीक्षा दोबारा कराने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मेहनत करने वाले छात्र को अनुचित तरीके से परीक्षा पास करने वाले व्यक्ति से नुकसान न हो।

अयोध्या, काशी और प्रयागराज को बताया विरासत और विकास का मॉडल

धार्मिक पर्यटन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या, काशी और मथुरा-वृंदावन उत्तर प्रदेश की सभ्यतागत विरासत का हिस्सा हैं। उनके मुताबिक, विरासत संरक्षण और आर्थिक विकास साथ-साथ चल सकते हैं। योगी ने काशी विश्वनाथ धाम का उदाहरण देते हुए कहा कि 2021 में इसके उद्घाटन के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं और इससे स्थानीय स्तर पर नाविकों, बुनकरों, दुकानदारों, पुजारियों, ऑटो चालकों, होटल कारोबारियों और होमस्टे संचालकों को आर्थिक गतिविधियों का लाभ मिला है।

उन्होंने अयोध्या और प्रयागराज में भी पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विस्तार का उल्लेख किया। महाकुंभ 2025 में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने स्वच्छता, पानी, परिवहन, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसी व्यवस्थाओं पर बड़े स्तर पर काम किया।

स्वास्थ्य और शिक्षा को लेकर भी गिनाईं उपलब्धियां

योगी ने कहा कि प्रदेश में मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस के खिलाफ किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मॉडल विरासत बनाम विकास या पर्यटन बनाम स्वास्थ्य-शिक्षा का नहीं है, बल्कि विरासत, बुनियादी ढांचे, मानव पूंजी और आर्थिक अवसरों को एक-दूसरे से जोड़ने का है।

2027 के बाद राष्ट्रीय भूमिका पर योगी का जवाब

2027 के बाद राष्ट्रीय भूमिका को लेकर लग रही अटकलों के सवाल पर योगी ने कहा कि उनका पूरा ध्यान उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता की सेवा और प्रदेश को आर्थिक, सामाजिक और शासन के स्तर पर आगे ले जाने पर है।उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में उनके लिए “राष्ट्र प्रथम” मार्गदर्शक सिद्धांत रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा पार्टी ने उन्हें उत्तर प्रदेश की जनता की सेवा की जिम्मेदारी दी है। फिलहाल उनका ध्यान इसी जिम्मेदारी पर केंद्रित है।

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