उत्तर प्रदेशलखनऊ

केजीएमयू की ओपीडी में एक्सरे व अल्ट्रासाउण्ड के नाम पर हो रही खानापूर्ति

  • दो सप्ताह बाद भी मरीजों को नहीं मिल रही जांच रिपोर्ट

लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) की ओपीडी में एक्सरे व अल्ट्रासाउण्ड जांच के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। केजीएमयू की ओपीडी में मरीजों की सुविधा के लिए पीपीपी माडल पर एक्सरे, अल्ट्रासाउण्ड व ईसीजी मशीन लगाई गयी है। यहां पर केजीएमयू की तरफ से चिकित्सकों की ड्यूटी लगती है।

जानकारी के अनुसार विगत दो सप्ताह से यहां पर अल्ट्रासाउण्ड व एक्सरे कराने वाले मरीजों को जांच रिपोर्ट ही नहीं मिली है। केजीएमयू प्रशासन ने यहां पर दो सीनियर रेजिडेंट चिकित्सक तैनात किये थे। रेजिडेंट चिकित्सक के ड्यूटी पर न आने से मरीजों को जांच रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है।

इस यूनिट में चिकित्सक न होने से इस समय केवल गिनती के मरीजों का अल्ट्रासाउण्ड व एक्सरे हो रहा है। जबकि रिपोर्ट दो सप्ताह बाद भी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। एक मरीज रामू वर्मा उम्र 65 वर्ष ने 01 जून को केजीएमयू की ओपीडी में एक्सरे कराया था। रामू वर्मा 11 जून को रिपोर्ट लेने गया तो बताया गया कि आज रिपोर्ट नहीं मिलेगी। इसी तरह अमीसा कसौंधन 20 वर्ष को भी रिपोर्ट नहीं मिल पायी।

केजीएमयू की ओपीडी में प्रदेश भर से मरीज इलाज के लिए आते हैं। यहां पर करीब 120 मरीज प्रतिदिन ऐसे आते हैं जिन्हें एक्सरे या अल्ट्रासाउण्ड कराना होता है। अब दूर—दराज से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को जांच के लिए प्राईवेट में जाना पड़ रहा है।

केजीएमयू के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा.एस.एन.शंखवार ने बताया कि वहां पर जिन डाक्टरों की ड्यूटी लगाई गयी थी वह छोड़कर चले गये हैं। इसलिए समस्या थी। अब विभाग से रोटेशन के आधार पर दो चिकित्सकों की ड्यूटी लगा दी गयी है।

Saurabh Bhatt

सौरभ भट्ट पिछले दस सालों से मीडिया से जुड़े हैं। यहां से पहले टेलीग्राफ में कार्यरत थे। इन्हें कई छोटे-बड़े न्यूज़ पेपर, न्यूज़ चैनल और वेब पोर्टल में रिपोर्टिंग और डेस्क पर काम करने का अनुभव है। इनकी हिन्दी और अंग्रेज़ी भाषा पर अच्छी पकड़ है। साथ ही पॉलिटिकल मुद्दों, प्रशासन और क्राइम की खबरों की अच्छी समझ रखते हैं।

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