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कोरोना से डरते लोग फिर भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करती बोरियां ।

लोकेश त्रिपाठी अमेठी- समूचे विश्व में कोरोना वायरस से फैली महामारी अपना पांव जमा चुकी है। सभी देश त्राहि-त्राहि कर रहे हैं । क्योंकि यह वायरस लगातार इंसानी जिंदगियों को अपना निवाला बनाता जा चला जा रहा है। अभी तक इस वायरस का कोई भी एंटीडोट्स अथवा वैक्सीन नहीं बन पाई है। अर्थात यह बीमारी अभी तक लाइलाज बनी हुई है । यदि इसका कोई इलाज है तो वह है इम्यून सिस्टम मजबूत करना, सुरक्षा, सावधानी तथा बचाव के साथ-साथ व्यक्तियों से सामाजिक दूरी अर्थात सोशल डिस्टेंसिंग ही ऐसा साधन है जिससे इस कोरोना नामक घातक वायरस से बचा जा सकता है । लेकिन लोगों को अभी भी यह किस्से कहानियां ही नजर आ रही है। वह इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं । अगर बात की जाए भारत में तो सिर्फ 20% लोग ही इसे गंभीरता से ले रहे हैं। बाकी 80% लोग लॉक डाउन तथा इससे बचाव के सारे उपायों को हवा में उड़ाते हुए सिर्फ मजाक बना रखे हैं ।

कोरोना से डरते लोग फिर भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करती बोरियां ।
सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करती बोरियां

ऐसा ही मामला अमेठी में देखने को मिला जहां पर सरकारी राशन की दुकान पर राशन लेने आए लोग दुकान के बाहर एक 1 मीटर दूरी पर बने वर्गाकार खाने में अपनी-अपनी बोरियां रखकर सभी लोग छांव में एक साथ आपस में सटकर बैठ गए। ऐसा प्रतीत होता है कि कोरोनावायरस मानव में ना फैल कर बोरियों में फैलता है । इसलिए बोरियों को उचित दूरियों पर रखा गया है। वहीं पर जब मैंंने स्वयं मौके का जायजा लिया तो मीडिया कर्मियों को देखकर लोगों ने थोड़ा बहुत दूरी जरूर बनाई । लेकिन जब हमनेे लोगों से इस बाबत बात की कि क्या उनको कोरोना नामक इस गंभीर महामारी से डर नहीं लगता ? तो लोगों ने बताया कि नहीं साहब डर तो लगता है । ऐसी बात नहीं है सरकार के द्वारा बताए गए सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन करना चाहिए ।

कोरोना से डरते लोग फिर भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करती बोरियां ।
सोशल डिस्टेंसिंग खत्म कर बैठे लोग

वहीं पर राशन लेने आए एक युवक ने तो यहां तक बताया की सरकारी कोटे की दुकान के मुनीम का कहना है कि जब तक आप लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करेंगे तब तक हम राशन ही नहीं बाटेंगे और हम सुबह से आए हुए हैं दोपहर 2:00 बज गया है अभी तक राशन नहीं मिल सका है । इस तरह लोग कोरोना नामक गंभीर महामारी को जानते हैं समझते हैं किंतु उससे बचने का उपाय नहीं अपनाते हैं । लोगों की यही लापरवाही अब भारत देश को भारी पड़ रही है । क्योंकि प्रतिदिन कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है यह आंकड़ा एक लाख के ऊपर पहुंच चुका है। दुख की बात तो यह है कि देश की वह 80% जनता जब तक जागेगी और इस बात की गंभीरता को समझेगी तब तक बहुत ही देर हो चुकी होगी कुछ भी हाथ में नहीं रह जाएगा।

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