खेल-खिलाड़ी

पिता चलाते हैं बाल काटने की दुकान, क्रिकेट खेलने पर होती थी मार-कुटाई, अब मिला IPL कॉन्ट्रेक्ट

आईपीएल की शुरुआत के बाद से ही ऐसी कहानियां सुनने को मिली हैं जहां सामान्य परिवारों से आने वाले खिलाड़ियों पर मोटा पैसा बरसा है. इस मामले में आईपीएल 2022 ऑक्शन भी पीछे नहीं रहा. ऐसी ही एक कहानी है मध्य प्रदेश के कुलदीप सेन (Kuldeep Sen) की. उनके पिता बाल काटने का काम करते हैं. कुलदीप रीवा कस्बे के रहने वाले हैं. उन्हें राजस्थान रॉयल्स ने 20 लाख रुपये की बेस प्राइस में लिया है. 25 साल के कुलदीप सेन मीडियम पेसर हैं. रॉयल्स की टीम में उन्हें ट्रेंट बोल्ट, प्रसिद्ध कृष्णा और नवदीप सैनी जैसे गेंदबाजों का साथ मिलेगा.

कुलदीप सेन ने 2018-19 में मध्य प्रदेश के लिए रणजी ट्रॉफी डेब्यू किया. उन्होंने नवंबर 2018 में पंजाब के खिलाफ पहली बार एक पारी में पांच विकेट लिए. अपने पहले ही रणजी सीजन में उन्होंने आठ मैच में 25 विकेट लिए थे. वे ईश्वर पांडे के बाद रीवा से दूसरे क्रिकेटर हैं जो आईपीएल टीम का हिस्सा बने हैं. कुलदीप सेन मूल रूप से रीवा जिले के हरिहरपुर गांव के रहने वाले हैं. उनके पिता रामपाल सेन रीवा में सिरमौर चौराहे पर बाल काटने की दुकान चलाते हैं.

बचपन में पिता से मिलती डांट-फटकार

बेटे को आईपीएल टीम का साथ मिलने के बाद वे भावुक हो गए. उन्होंने इस बारे में दी न्यू इंडियन एक्सप्रेस से कहा, ‘यह एक सपने के सच होने जैसा है. स्कूल के दिनों में क्रिकेट के लिए मैं उसे काफी डांटता और मारता था. लेकिन इसी क्रिकेट ने मेरे परिवार को नाम दिया है. क्रिकेट के लिए जब भी मैं उसे मारता तो वह एक ही बात कहता कि क्रिकेट उसका जुनून और सपना है. मगर मैंने कभी नहीं सोचा था कि क्रिकेट के जरिए एक छोटा सा सलून चलाने वाले का बेटा नाम कमाएगा और परिवार का भाग्य बदलेगा.’

एकेडमी ने माफ कर दी थी फीस

कुलदीप सेन पांच भाइयों में तीसरे नंबर पर हैं. उन्होंने 10 साल पहले विंध्य क्रिकेट एकेडमी के लिए खेलना शुरू किया था. उनके कोच एरिल एंथनी ने बताया, ‘क्लब में बाकी क्रिकेटर्स की तरह कुलदीप भी सामान्य बैकग्राउंड से आता है. लेकिन क्रिकेट में बड़ा करने की उसकी भूख के चलते हमारा ध्यान उस पर गया. उसके समर्पण और जज्बे के चलते हमने उसकी एकेडमी फीस माफ कर दी और शुरू के सालों में किट के लिए पैसे भी दिए.’

कैसे बॉलर हैं कुलदीप

कुलदीप सेन 135-140 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बॉलिंग कर सकते हैं. साथ वे गेंद को दोनों तरफ मूव करा सकते हैं. उनकी इन स्विंग और आउट स्विंग दोनों का कोई जवाब नहीं. वे इन कटर बॉलिंग भी कर सकते हैं. कुलदीप सेन को पूर्व क्रिकेटर ईश्वर पांडे से भी मदद मिली. इस बारे में उन्होंने कहा, ‘मैं नए जूते खरीदने में असमर्थ था तब ईश्वर भैया ने अपने जूते दिए. 2015 में मध्य प्रदेश की अंडर 19 टीम में मेरा सेलेक्शन हुआ. इसके बाद एसोसिएशन से पैसे मिलने लगे थे. इस बार लगातार तीसरी बार आईपीएल टीमों के लिए ट्रायल दिए थे और अबकी बार मौका भी मिल गया.’

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