
पर्यावरण राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह का कहना है कि भारत ने संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय नेतृत्व का प्रदर्शन करते हुए विकास से समझौता किए बिना ओजोन परत को नुकसान पहुंचाने वाले पदार्थों पर मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा किया है।
पर्यावरण संरक्षण में जीवनशैली की भूमिका अहम
पर्यावरण मंत्रालय द्वारा आयेाजित 32वें विश्व ओजोन दिवस के अवसर संबोधित करते हुये सिंह ने मुंबई में बुधवार को कहा कि पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए सरकारों, वैज्ञानिकों, उद्योग, अधिकारियों और नागरिकों की सामूहिक भागीदारी जरूरी है।
प्राकृतिक संसाधनों का सोच-समझकर इस्तेमाल
राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने ‘मिशन लाइफ’ (पर्यावरण के लिए जीवनशैली) का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पर्यावरण संरक्षण को रोजमर्रा के सरल कार्यों में बदलने के लिए एक रूपरेखा उपलब्ध कराता है। उन्होंने कहा, ”प्राकृतिक संसाधनों का सोच-समझकर इस्तेमाल, व्यर्थ उपभोग के बजाय, नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने में सक्षम बना सकता है।” सिंह ने नागरिकों से सतत शीतलन के लिए तीन उपाय अपनाने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि एयर कंडीशनर की सर्विसिंग प्रमाणित और कुशल तकनीशियनों से कराई जानी चाहिए, जो शीतलन व्यवस्था की सुरक्षित तरीके से देखरेख करें। उन्होंने बिजली की बचत और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए एयर कंडीशनर का तापमान आरामदायक स्तर पर, संभव हो तो करीब 24 डिग्री सेल्सियस रखने तथा जलवायु-अनुकूल रेफ्रिजरेंट का इस्तेमाल करने वाले अधिक स्टार रेटिंग वाले ऊर्जा-कुशल उपकरण चुनने की सलाह दी।
लॉन्च हुआ नेट जीरो पोर्टल और एनएपीसीसी डैशबोर्ड
कार्यक्रम में भारत के ‘नेट जीरो पोर्टल’ और राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्य योजना (एनएपीसीसी) डैशबोर्ड की शुरुआत भी की गई। ‘नेट जीरो पोर्टल’ भारत की जलवायु संबंधी प्रतिबद्धताओं पर नजर रखने, उनके समन्वय और प्रदर्शन के लिए एक केंद्रीय मंच के रूप में काम करेगा।
इसके जरिए उद्योग, संगठन और सरकारी निकाय स्वैच्छिक रूप से पंजीकरण कर शुद्ध-शून्य उत्सर्जन की दिशा में अपनी प्रगति प्रदर्शित कर सकेंगे। वहीं, एनएपीसीसी डैशबोर्ड भारत की राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्य योजना के लिए एक केंद्रीकृत डिजिटल मंच होगा, जिसमें विभिन्न राष्ट्रीय मिशनों की प्रगति और उनसे संबंधित जानकारी उपलब्ध होगी।





