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टिकट मिलने के बाद कांग्रेस की उम्मीदवार फराह नईम ने किया चुनाव न लड़ने का फैसला, जिलाध्यक्ष की टिप्पणी के बाद हुईं नाराज

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर चुनावी सरगर्मियां तेज हैं. इस बीच नेताओं की बयानबाजी भी तेज है. इधर बदायूं (Badaun) में शेखूपुर विधानसभा सीट (Shekhupur Assembly Seat) से कांग्रेस उम्मीदवार फराह नईम ने चुनाव लड़ने से मना कर दिया है. फराह नईम (Farah Naeem) ने कहा कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगी. उन्होंने कहा कि “पार्टी जिलाध्यक्ष ओंकार सिंह (Onkar Singh) ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को टिकट नहीं मिलना चाहिए और मैं एक चरित्रहीन महिला हूं. फराह नईम ने साथ ही कहा कि जिला इकाई में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं.

वहीं फराह नईम ने चुनाव लड़ने से मना करने के बाद कांग्रेस ने बदायूं में शेखूपुर विधानसभा क्षेत्र से ममता देवी प्रजापति को मैदान में उतारा है. पार्टी उम्मीदवार फराह नईम ने जिला पार्टी अध्यक्ष द्वारा कथित अनुचित टिप्पणी पर इस्तीफा दे दिया. फराह नईम ने कहा कि पार्टी जिलाध्यक्ष ओंकार सिंह ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को टिकट नहीं मिलना चाहिए और मैं एक चरित्रहीन महिला हूं.

2012 में हुआ था शेखुपुर विधानसभा के लिए पहला चुनाव

बता दें कि शेखुपुर विधानसभा क्षेत्र बदायूं जिले का एक हिस्सा है और आंवला (लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र) के पांच विधानसभा क्षेत्रों में से एक है. इस विधानसभा क्षेत्र में पहला चुनाव 2012 में हुआ था. 2008 में इस विधानसभा क्षेत्र का गठन किया गया था. 2012 के चुनाव में यहां से सपा के कद्दावर नेता पूर्व मंत्री बनवारी सिंह यादव के पुत्र आशीष यादव ने सपा के टिकट पर ताल ठोंका. इस चुनाव में आशीष यादव ने 68533 मत प्राप्त कर कांग्रेस के भगवान सिंह शाक्य को 8252 मत से हरा दिया और विधायक बने.

2017 में BJP ने मारी बाजी

भगवान सिंह शाक्य को इस चुनाव में 60281 वोट मिले थे. 2014 में चली मोदी लहर का इस सीट पर भी बड़ा असर पड़ा. कभी नंबर छह पर रहने वाली भाजपा 2017 के चुनाव में नंबर वन पर पहुंच गई और सीट पर कब्जा कर लिया. 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार धर्मेंद्र कुमार सिंह शाक्य ने 93702 वोट पाकर सपा के आशीष यादव को 23386 वोट के भारी अंतर से हरा दिया. आशीष यादव के इस चुनाव में 70316 वोट मिले थे.

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