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जब पहाड़ों की आए याद तो ज़रूर जाएँ सिक्किम..

सिक्किम का खूबसूरत राज्य घिरा हुआ है कंचनजंगा से, जो दुनिया का तीसरा सबसे विशाल पर्वत है। हिमालय में खो जाने के लिए ये सबसे बेहतरीन जगह है। सिक्किम की खूबसूरत वादियों और बौद्ध मट्ठों में शान्ति पाना तो जैसे ज़रूरी सा है। सुन्दर फूलों से लदी वादियाँ, बहते झरने, बर्फीली झीलें, वन्य जीवन से भरे जंगल और आकर्षक धार्मिक केंद्रों से भरपूर है सिक्किम।

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बिना किसी शक के सिक्किम भारत की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है। यहाँ जाने का मज़ा ही अलग है क्योंकि यहाँ के लोग भी बहुत प्यारे और मददगार हैं। तो यह लीजिये सिक्किम की 6 दिन और 5 रातों का यात्रा कार्यक्रम जो आपको मदद करेगा इस जादुई नगरी में घूमने के लिए। यहाँ के पहाड़ों में एक अलग ही संगीत रहता है।

सिक्किम में घूमना

ज़्यादातर लोग सिक्किम बस से या शेयर्ड जीप से घूमते हैं। ट्रैकिंग भी एक अच्छा ऑप्शन है। भारतीय लोगों को सिर्फ प्रोटेक्टेड एरिया में घुसने के लिए परमिट चाहिए पर अगर आप विदेशी हैं तो आपको स्टेट में कहीं भी घूमने के लिए परमिट चाहिए। अपना पहचान पत्र और पासपोर्ट साइज़ फोटोग्राफ अपने साथ रखना मत भूलिएगा।

सिक्किम पहुँचना

गैंगटॉक सिक्किम में घूमने की सबसे महत्वपूर्ण जगह है। यहाँ स्टेशन और एयरपोर्ट दोनों ही नहीं हैं। यहाँ से बागडोगरा एयरपोर्ट जो 124 कि.मी. की दूरी पर है सबसे करीबी हवाई अड्डा है और सिलीगुड़ी सबसे करीबी रेलवे स्टेशन। एयरपोर्ट और स्टेशन से गैंगटॉक आने के लिए आपको प्रीपेड टैक्सी लेनी पड़ेगी।सिलीगुड़ी से सरकारी बसें भी चलती हैं जो आपको काफी सस्ती पड़ेंगी।

सिक्किम की सैर

पहला दिन

गान्तोक

वैसे तो यह मॉडर्न बिल्डिंगों वाला शहरी जंगल बन चुका है, पर गैंगटॉक की खूबसूरती उसकी संस्कृति, बढ़िया होटल्स और प्यारे स्थानीय लोगों से है। गैंगटॉक सिक्किम घूमने के लिए अच्छा बेस है, इसीलिए अक्सर मुसाफिर इसकी तारीफ करते हैं। कंचनजंगा का बढ़िया नज़ारा और इंडिया के सबसे अच्छे मोमोस यहाँ की खासियत है।

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सिक्किम की राजधानी में करने को काफी कुछ है, आपके लिए हम कुछ ख़ास चीज़ें चुन कर लाए हैं:

1 – रुमटेक मठ की खूबसूरती अंदर से देखें और बच्चों को प्राथना पहियों को एक दो बार घुमाने का मौका दीजिए

2 – तिब्बत की अनोखी संस्कृति में खो जाइये नामग्याल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी में। यहाँ जाए बिना आपका सिक्किम का सफर अधूरा है।

3 – केबल कार के मज़े लूटिए जो गैंगटॉक शहर के ऊपर से होकर गुज़रती है।

4 – ताशी व्यू पॉइंट पर सूर्यास्त का नज़ारा देखिए।

5 – एक मठ से दूसरे मठ तक जाइये- सुक ला खंग, पेमयांग्स्ते और काफी सारी और छोटे पर खूबसूरत मठ।

गैंगटॉक में खाने की सबसे बढ़िया जगह

1. बेकर्स कैफ़े: MG रोड पर सबसे चर्चित नाम, यहाँ का नज़ारा और मीठा दोनों की जितनी तारीफ की जाए कम है।

2. 9’ine: अगर आपको असली सिक्किम के ज़ायका का मज़ा लेना है तो सीधा यहाँ आइये।

दूसरा दिन

त्सोंगमो झील

12300 फ़ीट की ऊंचाई पर स्थित, त्सोंग्मो या चांगु झील सिक्किम की सबसे आकर्षक जगहों में से एक है। इस बर्फीली झील के नाम का मतलब “पानी का साधन” है और सर्दियों में यह एक बर्फ के मैदान जैसी दिखती है। वसंत एक अलग ही चित्र रचता है जब अल्पाइन के फूल खिलते हैं। त्सोंग्मो में याक के सवारी करना तो बनता है।

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त्सोंग्मो झील गैंगटॉक से दो घंटे की दूरी पर है और जीप को एडवांस बुक करने में समझदारी है। ₹3000 में आना जाना हो जायेगा जिसके लिए सुबह जल्दी निकलना बेतर होगा। क्योंकि यह प्रोटेक्टेड एरिया है, होटल या अपने ट्रेवल एजेंट से अपना परमिट लेकर चलें।

त्सोंग्मो झील पर क्या करें?

1 – याक की सैर कीजिये, और फिर सीधा नाथू ला जाइये।

2 – सूपी मैगी का आनंद लीजिये और फिर झील के साथ हज़ारों फोटो खींचें।

3 – वापसी में 7200 फ़ीट पर हनुमान टॉक के दर्शन कीजिये।

तीसरा दिन

लाचुंग

लाचुंग एक खूबसूरत काल्पनिक नज़ारे से कम नहीं है। बर्फ से भरी पहाड़ की चोटियाँ, सेब के बाग, सफ़ेद चादर और लोगों की खासियत की वजह से गाँव बेहतरीन है। ये जगह ना सिर्फ खूबसूरत पर हस्तकला और मठ के मामले में भी बढ़िया। यहाँ जीप में आने-जाने का ₹3000 होगा और आपको जीप की एडवांस बुकिंग करवानी पड़ेगी। कहने की ज़रूरत नहीं की सिक्किम टूरिज्म का परमिट ज़रूरी है। यात्रा में 3 घंटे लगेंगे।

लाचुंग में क्या करें?sikkim 4

सेब के बाग, मठ और हस्तकला केंद्रों को खो जाइए और घूमिये इस छोटे पर बहुत ही खूबसूरत गाँव लाचुंग में।

लाचुंग में खाने की सबसे अच्छी जगह

यहाँ बड़े रेस्तरां तो नहीं है पर हर पॉइंट पर अच्छा तिब्बती खाना मिल जाएगा।

चौथा दिन

युमथांग

युमथांग जो ‘फूलों की घाटी‘ के नाम से बेहतर पहचानी जाती है, 1800 फ़ीट पर बसी एक खूबसूरत जगह है। यहाँ के सुंदर फूल जैसे रोडोडेंड्रोन्स (बुरांश) एक अलग ही समां बाँध देते हैं। नदी अपनी एक अदा से निकलती है। जो लोग प्रकृति के करीब आना चाहते हैं, युमथांग तो जैसे उनके लिए एक वरदान है। युमथांग आने-जाने में ₹2000 और 2 घंटे का समय लगेगा। जीप को पहले बुक कर लीजिये और परमिट्स साथ रखिये।

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युमथांग वैली में क्या करें?

1 – जन्नत की सैर है युमथांग वैली, बस खो जाइये उसकी सुंदरता और दिलकश नज़ारों में। बर्फ के गोले एक दूसरे पर मारना मत भूलियेगा।

2 – ज़ीरो पॉइंट तक ड्राइव कीजिये और वहाँ गरमा-गरम मैग्गी और मोमोस का मज़ा लीजिये।

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