69000 सहायक शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों ने जनेश्वर मिश्र पार्क में की बैठक

लखनऊ। 69000 सहायक शिक्षक भर्ती में अपने न्याय के लिए याची बनकर लड़ाई लड़ रहे आरक्षण पीड़ित यांची अभ्यर्थियों की आज लखनऊ में पिछड़ा दलित संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कश्यप एवं प्रदेश संरक्षक भास्कर सिंह के आवाह्नन पर जनेश्वर मिश्र पार्क में महत्वपूर्ण बैठक हुई तथा इस बैठक में उत्तर प्रदेश के 75 जनपदों से सैकड़ो की संख्या में आरक्षण पीड़ित याची अभ्यर्थियों ने भाग लिया जिसमें 19 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई को लेकर विशेष रणनीति अभ्यर्थियों के बीच बैठकर बनाई गई।
बैठक में बोलते हुए पिछडा दलित संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कश्यप एवं प्रदेश संरक्षक भास्कर सिंह ने कहा कि 19 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई को लेकर सभी आरक्षण पीड़ित याची अभ्यर्थी चाहते हैं कि उत्तर प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट में आरक्षण पीड़ित याची अभ्यर्थियों के पक्ष में याची लाभ का प्रपोजल अवश्य पेश करें अगर उत्तर प्रदेश सरकार 19 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में आरक्षण पीड़ित यांची अभ्यर्थियों के पक्ष में याची लाभ का प्रपोजल पेश कर देती है तो इससे आरक्षित वर्ग तथा ऐसे अवैध शिक्षक जो सरकार की गलती की वजह से गलत तरीके से नियुक्त हो गए हैं।
यह दोनों वर्ग लाभान्वित होंगे तथा किसी भी वर्ग का अहित नहीं होगा क्योंकि आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थी नहीं चाहते कि इस भर्ती प्रक्रिया से किसी भी गलत शिक्षक को अब इस भर्ती प्रक्रिया से बाहर निकाला जाए और ना ही वह चाहते कि अब 69000 की लिस्ट को दोबारा से बनाया जाए बल्कि आरक्षण पीड़ित याची अभ्यर्थी चाहते हैं कि आरक्षण पीड़ित यांची अभ्यर्थियों को याची लाभ देकर इस मामले का निस्तारण कर दिया जाए।
इन्होंने बैठक में अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में आरक्षण पीड़ित याची अभ्यर्थियों को न्याय मिले इस संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार को दिए निर्देश के बाद सुप्रीम कोर्ट में उत्तर प्रदेश सरकार की एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का पालन किया जाएगा तथा इस संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार हाई लेवल की मीटिंग करके जो निर्णय लेगी उससे कोर्ट को अवगत कराया जाएगा।
अब ऐसी स्थिति में आरक्षण पीड़ित याचियो को याची लाभ देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रयास करना चाहिए क्योंकि आरक्षण पीड़ित यांची अभ्यर्थी जो पिछले 6 साल से इस भर्ती में आरक्षण घोटाले की वजह से नौकरी पाने से वंचित है वह सभी उत्तर प्रदेश के निवासी है ऐसी स्थिति में उत्तर प्रदेश सरकार को आरक्षण पीड़ित याची अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इनके पक्ष में याची लाभ का प्रपोजल 19 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई में पेश कर याची लाभ देने का कार्य करना चाहिए ताकि इस भर्ती में आरक्षण घोटाले के विवाद का निस्तारण याची लाभ के माध्यम से हो सके।
पिछड़ा दलित संयुक्त मोर्चा के प्रदेश मीडिया प्रभारी राजेश चौधरी का कहना है कि यदि उत्तर प्रदेश सरकार 19 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई में आरक्षण पीड़ित यांची अभ्यर्थियों के पक्ष में याची लाभ का प्रपोजल पेश नहीं करती है तो फिर ऐसी स्थिति में उत्तर प्रदेश के सभी आरक्षण पीड़ित याची अभ्यर्थी लखनऊ में विधानसभा का घेराव करेंगे। बैठक में सम्भल, सीतापुर फैजाबाद, बाराबंकी, सिद्धार्थनगर , एटा, सहारनपुर, मेरठ, बागपत, शामली ,मिर्जापुर गाजीपुर , मऊ , आजमगढ़, बलिया, वाराणसी, शाहजहांपुर, बरेली सहित सभी जनपदों से सैकड़ो की संख्या आरक्षण पीड़ित याची अभ्यर्थी शामिल हुए।





