देव दीपावली पर लाखों दीपों से जगमगाए घाट, नमो घाट पर CM योगी ने प्रज्वलित किया पहला दीप, लखनऊ में भी अद्भुत नजारा

लखनऊ/वाराणसी: देव दीपावली का बुधवार को शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी के नमो घाट पर पहला दीप जलाकर किया। उनके साथ पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, राज्य मंत्री रविन्द्र जायसवाल, विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, महापौर अशोक तिवारी ने भी दीप प्रज्वलित कर मां गंगा को नमन किया। इसके बाद सभी विशिष्ट अतिथियों ने क्रूज़ पर सवार होकर मां गंगा की आरती के साथ घाटों पर सजी देव दीपावली के अद्भुत नज़ारे का अवलोकन किया। सीएम योगी को अपने बीच देखकर जनता ने हर हर महादेव का जयघोष भी किया। मुख्यमंत्री ने हाथ हिलाकर काशी की जनता और पर्यटकों का अभिवादन किया।
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देव दीपावली और कार्तिक पूर्णिमा पर गोमती तट जगमगाया
कार्तिक पूर्णिमा और देव दीपावली के पावन अवसर पर गोमती तटभूमि भक्ति, आस्था और प्रकाश से आलोकित हो उठी। मनकामेश्वर उपवन घाट पर आयोजित देव दीपावली में लगभग 2 लाख 51 हजार दीपों से पूरा तट जगमगा उठा, वहीं झूलेलाल वाटिका में सनातन महासभा की ओर से 144वीं गोमती महाआरती व सनातन समागम का भव्य आयोजन हुआ।
मनकामेश्वर घाट पर महंत दिव्या गिरि ने विधि-विधानपूर्वक मां गोमती की आरती की, जिसने पूरे वातावरण को भक्ति, श्रद्धा और शांति से भर दिया। आरती के पश्चात भजन, नृत्य और लोकसंगीत की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। घाट पर सुरक्षा, स्वच्छता और सेवा व्यवस्था की उत्कृष्टता के लिए स्वयंसेवकों की सराहना की गई। कार्यक्रम की सफलता में जगदीश गुप्त अग्रहरि, सत्य प्रकाश गुलहरे, दीप प्रकाश, शेखर कुमार, राजीव श्रीवास्तव, अजय तिवारी, प्रेम तिवारी, अमित श्रीवास्तव और मालिनी चतुर्वेदी का विशेष योगदान रहा।
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झूलेलाल वाटिका में हुई गोमती महाआरती की शुरुआत मंगलाचरण, स्वस्तिवाचन और शंखनाद से हुई। सात मंचों से सम्पन्न इस आरती में स्वामी आनंद नारायण, स. परविंदर सिंह, कुमार अशोक पांडेय और पूर्व आईएएस आशा सिंह ने आरती कर मां गोमती का आशीर्वाद लिया। महासभा अध्यक्ष डॉ. प्रवीण ने बताया कि इस अवसर पर गोमती बचाव दीपदान संकल्प लिया गया और गुरु नानक जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। सांस्कृतिक संध्या में शुभम और श्वेता के भरतनाट्यम व समूह नृत्य, तथा शशि सिंह, मीरा तिवारी और गीता निगम के भजनों ने कार्यक्रम को भक्तिमय बना दिया। अंत में 1101 दीपों से झूलेलाल वाटिका आलोकित हो उठी। स. परविंदर सिंह और समाजसेवी श्वेता को सनातन गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया।
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दोनों आयोजनों ने न केवल आस्था का दीप प्रज्वलित किया, बल्कि लखनऊवासियों को गोमती नदी संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन का संदेश भी दिया। देव दीपावली पर दीप से दीप जलाने की परंपरा ने भारतीय संस्कृति की उज्ज्वल छवि को और निखारा।
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कार्तिक पूर्णिमा पर भक्तों ने लगाई आस्था की डुबकी, दिया सूर्य को अर्घ्य
कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गोमती घाटों पर सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। भक्तों ने मां गोमती में स्नान कर सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया और दीपदान कर सामर्थ्य अनुसार दान दिया। इस अवसर पर भक्त अपने बच्चों को भी साथ लाए और उन्हें मां गोमती में स्नान कराया। गोमती के तटों पर सुबह से शाम तक भक्तिमय माहौल बना रहा।
देव दीपावली पर बुधवार की शाम काशी के अर्धचंद्राकार गंगा घाटों पर जब शाश्वत ज्योति की लौ प्रज्वलित हुई, तो पूरा शहर दिव्यता और भव्यता के अद्भुत संगम में डूब गया। मां गंगा की गोद से निकलती आस्था की सीढ़ियों पर जलते लाखों दीपों की रोशनी ने ऐसा दृश्य प्रस्तुत किया, मानो स्वर्ग स्वयं धरती पर उतर आया हो। गोधूलि बेला में उत्तरवाहिनी गंगा की लहरों पर जब दीपों की सुनहरी आभा झिलमिलाई, तो काशी की आत्मा एक बार फिर सनातन संस्कृति की उजास से आलोकित हो उठी।
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योगी सरकार द्वारा इस बार 10 लाख दीपों का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन जन सहभागिता से यह संख्या बढ़कर 15 से 25 लाख दीपों तक पहुंच गई। इन दीपों में 1 लाख गाय के गोबर से निर्मित पर्यावरण अनुकूल दीप भी शामिल थे। घाटों, तालाबों, कुंडों और देवालयों पर दीपों की शृंखला ने काशी को सुनहरी माला की तरह सजा दिया।
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गंगा पार रेत पर ग्रीन क्रैकर्स शो
गंगा पार की रेत पर कोरियोग्राफ और सिंक्रोनाइज ग्रीन क्रैकर्स शो ने पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आसमान में गूंजती संगीतबद्ध आतिशबाज़ी और गंगा की लहरों पर प्रतिबिंबित रंगों ने दृश्य को और भी दिव्य बना दिया।





