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UP Cabinet meeting: योगी कैबिनेट बैठक में 30 प्रस्तावों पर लगी मुहर, शिक्षकों और शिक्षामित्रों को मिली कैशलेस मेडिकल सुविधा

राजधानी लखनऊ में आज गुरुवार को सुबह 11 बजे लोकभवन में सीएम योगी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ आज शिक्षकों और शिक्षामित्रों को बड़ा तोहफा दिया। जिसमें आज प्रदेश में राज्य कर्मचारियों की तरह सरकार शिक्षकों को कैशलेस ट्रीटमेंट की सुविधा भी लागु की गई और इस प्रस्ताव को योगी सरकार ने मंजूरी दी।

15 लाख शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 32 प्रस्तावों में से 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। उत्तर प्रदेश के लगभग 15 लाख शिक्षकों को कैशलेश चिकित्सीय सुविधा का तोहफा योगी सरकार ने दिया है। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बैठक के बाद जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई है। बैठक में शिक्षा विभाग से जुड़े अहम फैसले भी लिए गए।

बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत सभी शिक्षकों को अब कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा। यह सुविधा आयुष्मान योजना के माध्यम से प्रदान की जाएगी, जिससे लगभग 12 लाख शिक्षक लाभान्वित होंगे। इस निर्णय से शिक्षकों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित होगा।

वहीं, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाबो देवी ने जानकारी दी कि माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले लगभग तीन लाख शिक्षकों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है और यह निर्णय उसी दिशा में एक बड़ा कदम है। कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का हिस्सा माना जा रहा है, जिससे प्रदेश के लाखों शिक्षकों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी सामाजिक सुरक्षा मजबूत होगी।

विस्थापित हिंदू बंगाली परिवारों के पुनर्वास को मंज़ूरी

उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से विस्थापित 99 हिंदू बंगाली परिवारों के पुनर्वास को बृहस्पतिवार को मंज़ूरी दे दी है। वरिष्ठ मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने यह जानकारी देते हुए कहा कि यह परिवार फिलहाल मेरठ जिले में झील की जमीन पर अवैध रूप से रह रहे हैं। मंत्रिमंडल बैठक के बाद पत्रकारों को जानकारी देते हुए,वित्त और संसदीय कार्य मंत्री खन्ना ने कहा कि अभी मेरठ की मवाना तहसील के नगला गोसाई गांव में रह रहे इन परिवारों को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों के पालन में दूसरी जगह बसाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि पुनर्वास योजना के तहत, 50 परिवारों को कानपुर देहात जिले की रसूलबाद तहसील के भैंसया गांव में पुनर्वास विभाग के नाम पर दर्ज 11.1375 हेक्टेयर (27.51 एकड़) जमीन पर बसाया जाएगा, जबकि बाकी 49 परिवारों को ताजपुर तरसौली गांव में 10.530 हेक्टेयर (26.01 एकड़) ज़मीन पर बसाया जाएगा। हर परिवार को 30 साल के पट्टे पर 0.50 एकड़ ज़मीन दी जाएगी, जिसे हर बार 30 साल के लिए दो बार बढ़ाया जा सकेगा, जिसकी अधिकतम पट्टा अवधि 90 साल होगी। खन्ना ने बताया कि पट्टा तय प्रीमियम या पट्टा किराए के भुगतान पर दिया जाएगा।

 शहरी पुनर्विकास नीति 2026 को भी मंज़ूरी

अन्य अहम फैसलों के बारे में पत्रकारों को जानकारी देते हुए, खन्ना ने कहा कि मंत्रिमंडल ने नियोजित शहरी विकास के मकसद से शहरी पुनर्विकास नीति 2026 को मंज़ूरी दी है। यह नीति भवन मानचित्र की मंज़ूरी की प्रक्रिया को आसान बनाएगी ताकि नियमों का पालन हो सके, साथ ही संशोधित विकास शुल्क भी लागू किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल ने बरेली और मुरादाबाद में साइंस पार्क और तारामंडल की स्थापना को भी मंज़ूरी दी है। खन्ना ने कहा कि मंत्रिमंडल ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को भी मंज़ूरी दी है। इस फैसले के तहत, आपदा प्रभावित परिवारों को सरकारी आवास और ज़मीन का पट्टा दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले अधिकारियों को बहराइच ज़िले में आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए ज़मीन की व्यवस्था करने का निर्देश दिया था, जिसमें राजस्व गांव परतापुर भी शामिल है, जहां एक दुखद घटना में नदी पार करते समय नौ लोगों की मौत हो गई थी।

प्रभावित इलाके का हवाई सर्वे किया गया और परतापुर गांव के परिवारों को बसाया गया। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत प्रभावित परिवारों को घर दिए जाएंगे, साथ ही ज़मीन के पट्टे भी दिए जाएंगे। खन्ना ने बताया कि कुल 136 परिवारों को घरों के साथ ज़मीन के पट्टे दिए जाएंगे, और उनकी खेती की ज़रूरतों के हिसाब से उन्हें खेती की ज़मीन भी पट्टे पर दी जाएगी।

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