उत्तर प्रदेशबड़ी खबरलखनऊ

मुजफ्फरनगर के 5वीं पास युवकों ने कैसे कर दिया 85 करोड़ रुपये का फ्रॉड? समझें पूरा मामला

मुजफ्फरनगर: थाना साइबर क्राइम पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 हजार रुपये के इनामी समेत तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार के गए तीनों आरोपी पांचवी पास हैं और पिछले 6 महीने से साइबर ठगी का गैंग बनाकर करोड़ों रुपये का फ्रॉड कर चुके हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 2 मोबाइल फोन, 1 चेकबुक और 1 डायरी बरामद की गई है।

कैसे की जाती थी ठगी?

पुलिस के अनुसार, इस मामले में गृह मंत्रालय भारत सरकार के ऑनलाइन पोर्टल ‘प्रतिबिंब’ पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर जांच शुरू की गई थी। जांच में सामने आया कि आरोपी लोगों को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर ठगी करते थे। ठगी की रकम विभिन्न बैंक खातों में मंगाई जाती थी और बाद में उसे निकालकर USDT (क्रिप्टो करेंसी) खरीदने में इस्तेमाल किया जाता था।

आरोपियों की हुई पहचान?

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नदीम (पुत्र- मेहरबान, निवासी- ग्राम कुटेसरा, थाना- चरथावल), गुफरान (पुत्र- मुस्तफा, निवासी- ग्राम कुटेसरा, थाना- चरथावल) और मयूर अफजल राणा (पुत्र- नौशाद राणा, निवासी- ग्राम सुजडू, थाना- खालापार) जनपद मुजफ्फरनगर के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे 5 प्रतिशत कमीशन पर बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। शिकायतें दर्ज होने पर खाते फ्रीज हो जाते थे, जिसके बाद वे अन्य लोगों के नाम पर खाते खुलवाकर ठगी की रकम का लेनदेन जारी रखते थे।

85 करोड़ रुपये से अधिक की 70 शिकायतें दर्ज 

पुलिस के अनुसार, बरामद खातों में दो माह के भीतर करीब 30 लाख रुपये का लेनदेन हुआ है। आरोपियों के खातों के विरुद्ध लगभग 85 करोड़ रुपये से अधिक की 70 शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें से करीब 60 लाख रुपये की राशि इन खातों में ट्रांसफर होना पाया गया है। मामले में मु0अ0सं0 11/2026 धारा 318(4), 336, 338 बीएनएस व 66सी, 66डी आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

कैसे पकड़ में आए आरोपी?

मुजफ्फरनगर पुलिस लाइन में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मुजफ्फरनगर एसपी क्राइम इंदु प्रकाश ने जानकारी देते हुए बताया कि “जो हमारा प्रतिबिंब पोर्टल है उस पर हम लगातार मॉनिटरिंग करते हैं। मॉनिटरिंग के दौरान हमें एक जानकारी मिली एक डिजिटल अरेस्ट की जिसकी वैल्यू 4.4 करोड़ रुपए थी। उसी तरह का एक और स्कैम जिसका पैसा विड्रॉल मुजफ्फरनगर में हुआ था, जब हमने उसे विड्रोल को ट्रेस किया तो पता चला कि मुजफ्फरनगर के गुफरान और नदीम नाम के दो युवक जो मुजफ्फरनगर के चरथावल थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं, इनके द्वारा ही यह पैसा विड्रोल किया गया था। जब हमने इस मामले की गहनता से जांच की तो पता चला कि कई और ऐसे खाते हैं जिनमें फ्रॉड का पैसा आता है।

यूएस डॉलर में ट्रांजैक्शन करते हैं आरोपी

पुलिस ने बताया- “यह दोनों युवक ऐसे खातों को ऑपरेट करते थे और फ्रॉड करके जो पैसा आता था उसे विड्रोल करके उसे यूएस डॉलर में ट्रांजैक्शन करते हैं। 5 से 10% इनका इस फ्रॉड में कमीशन है। यह दोनों अपना कमीशन अपने पास रखकर आगे पैसा पहुंचा देते थे। एक लड़का जो मुजफ्फरनगर के सुजड़ू का रहने वाला है वो यूएसडीटी का क्रय विक्रय का काम करता है। यह तीनों एक गैंग बनाकर इस तरह का फ्रॉड कर रहे हैं। स्कैन करने के बाद यह फ्रॉड मनी को अपने खातों में मंगाकर उसे यूएसडीटी में कन्वर्ट करके अपना कमीशन अपने पास रखकर बाकी पैसा आगे भेज देते थे।”

पांचवीं पास हैं दो आरोपी

पुलिस ने बताया- “जो दो युवक चरथावल थाना क्षेत्र के गांव कोटेश्वर के रहने वाले हैं वह दोनों केवल पांचवीं पास हैं। पिछले 6 महीने से यह और कोई काम नहीं कर रहे बल्कि फ्रॉड और डिजिटल अरेस्टिंग का काम कर रहे थे। इससे पहले यह लोग सिलाई का काम करते थे। लेकिन पिछले 6 महीने से जब इन्हें पता चला कि फ्रॉड के माध्यम से मोटी रकम कमाई जा सकती है तभी से यह इस काम को कर रहे थे।”

पूरे भारत में 70 शिकायतें दर्ज

इनके खाते और उनके नंबरों की जब हमने जांच की तो पूरे भारत में 70 शिकायतें दर्ज है जिसमें लगभग 85 करोड़ की फ्रॉड मनी का मामला सामने आया है। गिरफ्तार किए गए तीनों युवकों के पास से लगभग 70 लाख का ट्रांजैक्शन किया गया है। एक शिकायत हमें तमिलनाडु की मिली थी जिसमें किसी एक व्यक्ति को हाउस डिजिटल अरेस्ट कर उनसे मोटी रकम ली गई थी।

Khabri Adda

Khabri Adda Media Group has been known for its unbiased, fearless and responsible Hindi journalism since 2019. The proud journey since 3 years has been full of challenges, success, milestones, and love of readers. Above all, we are honored to be the voice of society from several years. Because of our firm belief in integrity and honesty, along with people oriented journalism, it has been possible to serve news & views almost every day since 2019.

संबंधित समाचार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button