नए बजट के लिए मांगी उपलब्धियां और योजनाएं, योगी सरकार ने शुरू की वर्ष 2026-27 के बजट की तैयारी

- वित्त मंत्री के भाषण के लिए विभागों से मांगी गई पुख्ता सामग्री
लखनऊ: वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय-व्ययक (बजट) को लेकर योगी सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। वित्त विभाग ने शासनादेश जारी कर सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे वित्त मंत्री के बजट भाषण के लिए आवश्यक सामग्री समयबद्ध, संक्षिप्त और गुणवत्ता-युक्त रूप में उपलब्ध कराएं।
शासनादेश में कहा गया है कि बजट भाषण सरकार की नीतियों, कार्यक्रमों और विजन को प्रस्तुत करने का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है, इसी आधार पर बजट का व्यापक विश्लेषण किया जाता है। वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार की ओर से जारी शासनादेश के अनुसार, कई विभागों द्वारा अब तक बजट भाषण के लिए सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई है, जबकि कुछ विभागों ने अत्यधिक लंबी और गुणात्मक रूप से कमजोर सामग्री भेजी है। उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिया है कि प्रत्येक विभाग अधिकतम दो पृष्ठों में सारगर्भित सामग्री स्वयं तैयार कर 8 जनवरी तक अनिवार्य रूप से वित्त विभाग को उपलब्ध कराए। इसमें रोजगार सृजन, विकास, नवाचार, आधुनिक तकनीक के उपयोग, शोध को बढ़ावा और अवस्थापना विकास से जुड़े कार्यक्रमों का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए।
महिला, युवा, किसान और कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण पर विशेष जोर
शासनादेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि बजट सामग्री में महिला, युवा, किसान और कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही, प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करने के लक्ष्य से संबंधित विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों को विशेष रूप से शामिल किया जाए। यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि राज्यपाल के अभिभाषण और वित्त मंत्री के बजट भाषण की सामग्री में किसी प्रकार की तथ्यात्मक विसंगति न हो।



