उत्तर प्रदेशलखनऊ

मायावती ने कृषि कानूनों की वापसी का किया स्वागत, कहा-किसानों पर दर्ज मुकदमों को वापस ले केंद्र सरकार

केन्द्र  की नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) सरकार ने शुक्रवार को विवादित तीन कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला किया है. केन्द्र सरकार के फैसले के बाद सियासी दलों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है. वहीं बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj Party) की प्रमुख मायावती (Mayawati) ने कहा कि पार्टी केन्द्र सरकार के इस फैसले का स्वागत करती है. उन्होंने इसको लेकर ट्वीट किए हैं. मायावती ने केन्द्र सरकार के इस फैसले पर तंज कसते हुए इसे देर आए दुरूस्त आए बताया है.

मायावती ने लिखा है कि देश में किसानों के तेज आंदोलन के बाद तीन विवादित कृषि कानूनों की वापसी की केन्द्र सरकार की घोषणा का वह स्वागत करती हैं. फिलहाल इसे चुनावी स्वार्थ व मजबूरी का फैसला बताकर बीजेपी सरकार की नीयत पर भी शक किया जा रहा है और इसलिए केन्द्र सरकार को इसको लेकर कुछ ठोस फैसले करने की जरूरत है.

किसानों पर दर्ज मुकदमें हों वापस

उन्होंने लिखा है कि केन्द्र सरकार को किसानों की उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने के लिए नया कानून बनाना चाहिए और किसानों पर दर्ज मुकद्मों को वापस लेना चाहिए. मायावती ने लिखा है कि देश की आन, बान व शान से जुड़े अति गम्भीर मामलों को छोड़कर आंदोलन कर रहे किसानों पर दर्ज सभी मुकदमों की जल्द से जल्द वापस लेना चाहिए और इसके लिए केन्द्र सरकार को पहल करनी चाहिए.

केन्द्र सरकार के जरिए कांग्रेस की पूर्व सरकार पर साधा निशाना

तीन कृषि कानूनों के जरिए मायावती ने पूर्व की कांग्रेस सरकार और इंदिरा गांधी पर निशाना साधते हुए केन्द्र सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं. मायावती ने लिखा है कि पूर्व में खासकर कांग्रेस पार्टी की श्रीमती इन्दिरा गंधी की सरकार के अहंकार एवं तानाशाही वाले रवैये के कारण देश ने काफी कुछ झेला और पूर्व की तरह अब वैसी स्थिति ना हो. इसकी उम्मीद सरकार से की जा सकती है. गौरतलब है कि शुक्रवार की सुबह पीएम मोदी ने तीन कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला किया है. बीएसपी प्रमुख लगातार किसानों के लिए एमएसपी के लिए नीति बनाने की मांग कर रही है और इसको लेकर उन्होंने कल ही ट्वीट किया था. वहीं बीएसपी चीफ ने एक बार फिर इसकी मांग की है.

खबरी अड्डा

Khabri Adda Media Group has been known for its unbiased, fearless and responsible Hindi journalism since 2019. The proud journey since 3 years has been full of challenges, success, milestones, and love of readers. Above all, we are honored to be the voice of society from several years. Because of our firm belief in integrity and honesty, along with people oriented journalism, it has been possible to serve news & views almost every day since 2019.

संबंधित समाचार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button