उत्तर प्रदेशलखनऊ

आईएएस इफ्तिखारुद्दीन ने आठ जिलों में कराया धर्मांतरण! एसआईटी के सामने कबूला गुनाह

उत्तर प्रदेश में चल रहे धर्मांतरण के खेल में रोज नए खुलासे हो रहे हैं. अब एक नया खुलासा कानपुर (Kanpur) के पूर्व कमीशनर रहे और उत्तर प्रदेश राज्य पथ परिवहन निगम के अध्यक्ष आईएएस मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन को हुआ है. बताया जा रहा है कि इफ्तिखारुद्दीन ने राज्य के आठ जिलों में धर्मांतरण कराए हैं और इसके सबूत एसआईटी के पास भी हैं और एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी है. एसआईटी का दावा है कि उसके पास धर्मांतरण के सबूत हैं और इफ्तिखारूद्दीन ने कानपुर समेत राज्य के सात जिलों में धर्मांतरण कराया है. फिलहाल एसआईटी की जांच रिपोर्ट कई दिनों से सरकार के पास लंबित है और अभी तक सरकार ने इफ्तिखारूद्दीन के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया है.

दैनिक अखबार में छपी खबर के मुताबिक आईएएस इफ्तिखारूद्दीन के विवादित वीडियो के मामले में राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी को राज्य में चल रहे धर्मांतरण रैकेट में इफ्तिखारूद्दीन के शामिल होने के सबूत मिले हैं. एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है. एसआईटी ने कानपुर में कई लोगों से विवादित वीडियो मामले में पूछताछ भी की थी और कमीशनर आवास पर तैनात कर्मचारियों से बात भी की है. जिसके बाद रिपोर्ट तैयार की है. लेकिन अब धर्मांतरण के मामले में उनकी भूमिका भी उजागर हुई है. दरअसल पूर्व डिवीजनल कमिश्नर उस वक्त सुर्खियों में आए थे, जब उनके कुछ वीडियो इंटरनेट मीडिया पर विवादित वीडियो वायरल हुए थे. जिसमें वह धर्मांतरण के लाभ बता रहे थे और दूसरे धर्म की बुराई कर रहे थे.

राज्य सरकार ने बनाई थी एसआईटी

राज्य में आईएएस इफ्तिखारूद्दीन के विवादित वीडियो सामने आने के बाद सरकार ने सीबीसीआईडी महानिदेशक जीएल मीणा की अध्यक्षता में और एडीजी जोन भानु भास्कर की सदस्यता के तहत दो सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था और एसआईटी ने कई सबूतों कोएकत्रित किया है और अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपी.

एसआईटी को मिले हैं 80 वीडियो

वहीं एसआईटी को इफ्तिखारुद्दीन के मामले में 80 वीडियो और सात किताबें हैं मिली हैं. जो उनके खिलाफ बड़े सबूत बताए जा रहे हैं. वहीं किताबों के बारे में इफ्तिखारुद्दीन ने भी स्वीकार किया है कि ये किताबें उन्होंने ही लिखी है. जबकि वीडियो को कमीशनर आवास में रिकार्ड किया गया है.

इन जिलों में कराया धर्मांतरण

एसआईटी की जांच में सामने आया है कि इफ्तिखारुद्दीन ने कानपुर के साचेड़ी गांव में धर्मांतरण कराया था और इसके साथ ही उन्नाव और औरैया में भी उसका धर्मांतरण कराया. जबकि पूर्व मंडलायुक्त का नेटवर्क पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर और मुजफ्फरनगर में भी फैसला था. एसआईटी का दावा है कि पूर्व मंडलायुक्त ने अपने बयान में धर्मांतरण कराने की बात कबूली है.

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