उत्तर प्रदेशप्रयागराज

विदेशों में धर्म विरोधी गतिविधियों में शामिल थे आनंद गिरि, इसीलिए शुरू हुआ था वसीयत का विवाद

प्रयागराज: महन्त नरेंद्र गिरि मौत के मामले में सीबीआई ने जिला न्यायालय में चार्जशीट पेश कर दिया है। चार्जशीट में सीबीआई ने कई प्रकरणों का जिक्र किया है। महन्त नरेंद्र गिरि से आनंद गिरि का विवाद कहा शुरू हुआ और कितनी बार हुआ इन सभी पहलुओं पर सीबीआई ने गहनता से जांच किया है। महंत नरेंद्र गिरि ने 10 सालों में तीन बार वसीयत लिखी थी लेकिन अंतिम वसीयत महंत बलबीर गिरि के नाम किया था।

अंतिम वसीयत को लिखते समय महन्त ने यह भी दर्शया था कि आनंद गिरि मठ और मंदिर की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई है इसीलिए उनको उत्तराधिकारी पद हटाया जा रहा है। इसके अलावा यह भी महन्त ने जिक्र किया है कि आनंद गिरि का विदेशों में धर्म विरोधी गतिविधियों में शामिल होने से मठ की प्रतिष्ठा का नाम बदनाम हो रहा था। सीबीआई ने चार्जशीट में महंत नरेंद्र गिरि के तीनों वसीयत को जांच का आधार मानकर रिपोर्ट तैयार किया है। चार्जशीट में सीबीआई ने कई मामलों का खुलासा किया है।

तीन बार लिखी थी महंत ने वसीयत

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने चार जून 2020 को दारागंज के रहने वाले अधिवक्ता ऋषि शंकर द्विवेदी से वसीयत बनवाई थी। तीसरे और आखिरी वसीयत में महंत निरंजनी अखाड़े के महन्त बलबीर गिरि को उत्तराधिकारी घोषित करते हुए आनंद को हटा दिया था। वसीयत में महन्त ने आनंद गिरि को उत्तराधिकारी हटाने का कारण भी बताया था। महन्त नरेंद्र गिरि ने वसीयत में यह भी लिखा था कि आनंद गिरि का विदेशों में धर्म विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की वजह से मठ और मंदिर का नाम बदनाम हो रहा था जिसकी वजह से यह निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही आनंद गिरि के ऑस्ट्रेलिया में हुए घटना से भी मठ नाम बदनाम हुआ था। आनंद गिरि के चरित्र को देखते हुए उत्तराधिकारी पद से हटाया गया था।

महंत नरेंद्र गिरि ने इसके पहले 29 अगस्त 2011 को दूसरी वसीयत आनंद गिरि को मठ का उत्तराधिकारी घोषित किया था। नरेंद्र गिरि ने पहली वसीयत में 7 जनवरी 2010 को बलबीर गिरि को उत्तराधिकारी नियुक्त किया था। सीबीआई ने मामले जांच कराने के बाद चार्जशीट में तीनों वसीयत का जिक्र किया है।

महंत का वीडियो सबसे बड़ा आधार

महन्त नरेंद्र गिरि ने 20 सितंबर को आत्महत्या करने से पहले एक वीडियो बनाया था। जिसमें उन्होंने साफ तौर पर खुदकुशी करने और उसका कारण स्पष्ट रूप से बताया था। वीडियो में महन्त ने आत्महत्या करने का जिम्मेदार आनंद गिरि, मुख्य पुजारी आद्या तिवारी और संदीप तिवारी को बताया है। सीबीआई ने दोनों वीडियो को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा और टीम ने वीडियो को सही बताया है। सीबीआई ने महंत के वीडियो को बड़ा आधार माना है।

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