उत्तर प्रदेशलखनऊ

अखिलेश बोले- हर महीने की 30 तारीख को ‘हाथरस बेटी स्मृति दिवस’ मनाए पार्टी कार्यकर्ता और सहयोगी दल, बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी

उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पिछले साल हाथरस में हुए रेप कांड को बड़ा सियासी मुद्दा बनाने की तैयारी में हैं. उन्होंने आज ट्वीट कर पार्टी कार्यकर्ता और सहयोगी दलों से अपील है कि वह हर महीने की 30 तारीख को ‘हाथरस की बेटी स्मृति दिवस’ मनाएं. उन्होंने लिखा है कि जिस तरह से यूपी की बीजेपी सरकार ने पिछले साल सितंबर में बलात्कार पीड़िता के शव को जलाने का कुकृत्य किया था, उसकी याद सरकार को दिलाए.

अखिलेश यादव ने लिखा है कि हाथरस की घटना से बीजेपी का दलित व महिला विरोधी चेहरा बेनक़ाब हुआ है. असल में यूपी में चुनाव होने हैं और राज्य में समाजवादी पार्टी छोटे छोटे मामलों को उठाकर राज्य की बीजेपी सरकार को घेर रही है. राज्य में एसपी उन मुद्दों को उठा रही है, जो कभी राज्य सरकार के लिए बड़ी मुसीबत बने और इसके जरिए वह अब चुनाव से पहले राज्य सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है. दरअसल पिछले साल 14 सितंबर को राज्य के हाथरस जिले में चार लोगों ने एक युवती के साथ गैंगरेप किया था और उसके बाद उसकी बेरहमी से पिटाई की थी.

सीबीआई जांच में हुई थी रेप की पुष्टि

वहीं इलाज के दौरान 29 सितंबर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में रेप पीड़िता की मौत हो गई तो राज्य हाथरस पुलिस ने परिवार की मंजूरी के बगैर उसका दाह संस्कार कर दिया. ताकि ये मामला दब जाए. लेकिन इसके बाद राज्य में इस मामले ने सियासी रंग ले लिया और कांग्रेस से लेकर समाजवादी पार्री ने सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया. वहीं राज्य सरकार ने इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया था और सीबीआई ने भी कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी और इसमें उसके साथ रेप की बात कही थी.

छेड़छाड़ का विरोध करने पर एसपी नेता ने भून दिया था पीड़िता के पिता को

वहीं इस साल मार्च में हाथरस जिले के सासनी क्षेत्र के ग्राम नौजरपुर में एक दूसरी घटना घटी थी, जिसमें एक समाजवादी पार्टी के नेता ने छेड़छाड़ का विरोध करने पर लड़की के पिता को गोलियों से भून दिया था. वहीं राज्य में एसपी नेता की भूमिका के बाद समाजवादी पार्टी बैकफुट पर आ गई थी. लखनऊ में जब इस घटना के बाद मीडिया ने एसपी नेता की भूमिका पर सवाल उठाए थे तो वह भड़क उठे थे और उन्होंने मीडिया को बिकाऊ बताया था.

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