खबर तह तक

महराजगंज: लॉकडॉउन में फंसे फ्रांसीसी परिवार ने गांव के मित्रों के साथ मनाया जन्मदिन

महराजगंज। लॉक डॉउन में लक्ष्मीपुर क्षेत्र के कोल्हुआ उर्फ सिंहोरवां में शरण लिए फ्रांसीसी परिवार ने पैलेरस लोला जेनिफर का 15 वां जन्मदिन दिन गांव के भारतीय मित्रों के साथ मनाया। फ्रांसीसी परिसर शनिवार को स्नान कर भगवान शिव के दर्शन किया। पैलेरस लोला जेनिफर के लम्बी उम्र की कामना कर परिजनों समेत भारतीय मित्रों ने बोला हैप्पी बर्थडे टू लोला।

इस पल को यादगार बनाये जाने के लिए फ्रांसीसी परिवार की छोटी बेटी पैलेरस लोला जेनिफर ने अपने जन्मदिन पर भारतीय मित्र मुहम्मद अनस, सारा उर्फ रिमझिम, संजय व विदेशी परिवार के सभी सदस्यों ने मिलकर केक काटा व बधाई देते हुए लम्बी उम्र की कामना की। वही लोला का भाई पैलेरस टाम मेटो ने गंवई बच्चों में गुब्बारा बांटकर सेलिब्रेट कर इस पल को खुशनमा बनाये।

महराजगंज: लॉकडॉउन में फंसे फ्रांसीसी परिवार ने गांव के मित्रों के साथ मनाया जन्मदिन

फ्रांस के टूलूज शहर के रहने वाले पैलेरस पैट्रिक जोसेफ अपने पत्नी व बच्चों समेत टूरिस्ट बीजा पर पहली मार्च 20 को पाकिस्तान से बाघा बार्डर होते हुए भारत में आए। जिन्हें भारत के विभिन्न स्थानों के भ्रमण के बाद नेपाल जाना था।

लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते देश में लाक डाऊन व नेपाल सीमा सील होने के कारण वह नेपाल नही जा सके। लिहाजा सीमा खुलने तक लक्ष्मीपुर क्षेत्र के कोल्हुआ उर्फ सिहोंरवा स्थित शिव मंदिर को अपना आशियाना बना लिया। वहीं उनके यात्रा के संबंध में पूछे जाने पर फ्रांसीसी परिवार अपने पूरी यात्रा की दास्तान कुछ इस तरह बयां किया।

24 देश की यात्रा पर निकला है फ्रांसीसी परिवार

फ्रांसीसी परिवार के पैलेरस पैट्रिक जोसेफ व उनकी पत्नी बैलेंचड इपी पैलेरस वर्गनी कार उनकी दो बेटियां ओफैले पैलेरस मार्गेट व पैलेरस लोला जेनिफर तथा बेटा पैलेरस टाम मेटो फ्रांस के टूलूज शहर से जुलाई 2019 को 24 देशों की यात्रा पर निकले। यूरोप, तुर्की, जार्जिया, ओमेनिया, ईरान, दुबई, अमीरात, यूएई, ओमान से पाकिस्तान होकर एक मार्च 20 को बाघा बार्डर होते हुए भारत पहुंचा।

यह परिवार भारत के जयपुर, जोधपुर, नई दिल्ली से होकर ताज के दीदार के लिए आगरा पहुंचा। फ्रांसीसी परिवार ने बताया कि ताजमहल की कहानियों का अध्ययन करने के बाद भारत पहुंच कर उसे नजदीक से देखने बहुत तमन्ना थी। लेकिन दुर्भाग्यवश वहां पहुंचने में देर हो गई। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को लेकर वहां पहुंचने के एक दिन पहले ही ताजमहल को बंद कर दिया गया था। लिहाजा ताज के दीदार की ख्वाहिश अधूरी रह गई।

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More