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अयोध्या में 6 अक्टूबर से होगी रामलीला, कानून मंत्री ब्रजेश पाठक ने किया भूमि पूजन

अयोध्या : यूपी सरकार के कानून मंत्री बृजेश पाठक ने मंगलवार को अयोध्या में आयोजित होने वाली रामलीला के लिए भूमि पूजन किया. भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान रामलीला आयोजन के अध्यक्ष सुभाष मलिक बॉबी, मशहूर बॉलीवुड फिल्म स्टार रजा मुराद सहित आयोजन समिति से जुड़े कई लोग मौजूद रहे. अयोध्या में आयोजित होने वाली रामलीला 6 अक्टूबर से शुरू होकर 15 अक्टूबर तक चलेगी.

रामलीला में बॉलीवुड के कई मशहूर कलाकार हिस्सा लेगें. बता दें, कि अयोध्या में सरयू तट के किनारे स्थित लक्ष्मण किला मंदिर परिसर के मैदान में रामलीला आयोजित होगी. रामलीला के लिए आज भूमि पूजन कार्यक्रम पूरा हो गया है. अयोध्या की रामलीला आयोजन समिति के अध्यक्ष सुभाष मालिक ने कहा, कि हमारी इच्छा है कि भगवान राम की रामलीला घर-घर तक पहुंचे. रामलीला का यह दूसरे साल का संस्करण है. सुभाष मलिक ने दावा किया कि पिछले साल की रामलीला लगभग 16 करोड़ दर्शकों तक पहुंचाई गई थी.

समिति के अध्यक्ष का कहना है, कि उनका प्रयास है इस बार 50 करोड़ दर्शक टीवी और सोशल मीडिया के माध्यम से रामलीला का दर्शन करेंगें. उन्होंने बताया कि इस बार की रामलीला के प्रमुख कलाकारों में माता सीता का रोल भाग्यश्री, भगवान राम का रोल राहुल गुर्जर, रावण का रोल शाहबाज खान, कुंभकरण का रोल रजा मुराद करेंगे. इसी क्रम में शक्ति कपूर अहिरावण, केवट और जनक का रोल राकेश बेदी करेंगे. भोजपुरी सुपर स्टार रवि किशन परशुराम, मनोज तिवारी अंगद, बिंदु दारा सिंह हनुमान का रोल करेंगे. रामलीला आयोजन समिति के अध्यक्ष सुभाष मालिक ने बताया कि पिछली बार 14 भाषाओं में रामलीला दिखाई गई थी. इस बार रामलीला 26 भाषाओं में कई देशों में दिखाई जाएगी.

भूमि पूजन कार्यक्रम में पहुंचे अभिनेता रजा मुराद ने बताया कि उन्होंने पिछली बार अहिरावण का रोल निभाया था. इस बार वह कुंभकरण का रोल करेंगे. कार्यक्रम का अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि मंचन के समय अगर फिल्मों में कोई भी त्रुटि होती है, तो उसमें रिटेक का मौका मिलता है.

रामलीला का कार्यक्रम लाइव होता है, इसमें रिटेक का मौका नहीं मिलता है. उन्होंने बताया कि लाइव मंचन के कारण अभिनय करना थोड़ा कठिन होता है. रामलीला में काम करना एक बहुत बड़ी चुनौती है. रामलीला में पात्र जिस भाषा का प्रयोग करते हैं वह रोजमर्रा की भाषा नहीं होती है. इसलिए रामलीला मंचन से पहले उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ती है, इसके लिए बार-बार रिहर्सल करना होता है. अयोध्या की पावन धरती पर होने वाली रामलीला विश्व की सबसे बड़ी रामलीला है.

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