अमेठीउत्तर प्रदेश

कोविड-19 की पहली और दूसरी लहर के दौरान होम आइसोलेशन में रह रहे किसी भी मरीज की नहीं हुई मृत्यु: CMO

अमेठी। कोविड पहली और दूसरी लहर के दौरान जनपद में होम आइसोलेशन में किसी भी कोरोना पॉजिटिव मरीज की मौत नहीं हुई है। यह दावा है मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दुबे का। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में घर-घर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तत्पर है। उन्होंने बताया कि जनपद में 632726 लोगों का कोविड टेस्ट कराया गया। इसमें 9961 लोग  पॉजिटिव पाए गए। 8621 कोविड-19 मरीजों को होम आइसोलेशन  में रखा गया। इस दौरान 1195 मरीज अस्पताल में ठीक हुए जबकि 143 लोगों की कोरोना से मौत हुई। वर्तमान में जनपद में मात्र 2 केस एक्टिव केस है जो कि होम आइसोलेशन में हैं।

उन्होंने बताया कि कोविड मरीज के लिए प्राथमिक प्रयास यही रहता है कि होम आइसोलेशन में उसको स्वस्थ कर दिया जाए। आवश्यकता पड़ने पर ही मरीज को अस्पताल लाया जाता है। जनपद में 80 आरआरटी टीम जिसमें प्रशिक्षित चिकित्सक सहित अन्य की टीम बनाई गई थी। उन्होंने बताया कि जिले की आरआरटी टीम द्वारा होम आइसोलेशन वाले मरीजों के घर जाकर कोविड गाइडलाइन की विधिवत जानकारी दी गई। साथ ही आरआरटी टीम से कोरोना किट का वितरण भी कराया गया।

लाभार्थी के बोल

कोविड संक्रमित राम प्रसाद ने बताया कि 23 अप्रैल को हल्का बुखार महसूस हो रहा था। आरटीपीसीआर जांच में रिपोर्ट पाज़िटिव आई। इसके बाद चिकित्सकों की सलाह पर 10 दिन तक होम आइसोलेशन में रहा। सीएमओ  कार्यालय में तैनात डॉक्टर अजय सिंह की निगरानी में पूरी तरह स्वस्थ हो गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम घर आकर पेरासिटामोल, आईवरमेक्टिन व विटामिन सी समेत दवा की पूरी किट दी। जनपद निवासी विनय तिवारी ने बताया कि 21 अप्रैल को बुखार  आ गया। जांच में मेरी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। होम आईसोलेशन के दौरान जिले की टीम आती रही। कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए काढ़े का सेवन किया। 5 दिन बाद बुखार भी कम हो गया और इस दौरान स्वास्थ्य टीम के निर्देशों का पालन किया और ठीक हो गया।

Show More

Lokesh Tripathi

लोकेश कुमार त्रिपाठी परास्नातक के साथ बीएड की डिग्री हासिल करने के उपरांत पत्रकारिता जगत में कूद पड़े। इससे पूर्व हिंदी टीवी न्यूज़ चैनल "ख़बर फ़ास्ट"में अपनी सेवाएं देने के बाद अद्यतन "लाइव टुडे टीवी न्यूज़ चैनल के "जिला संवाददाता-अमेठी" के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। फ़िलहाल "ख़बरी अड्डा" से लेखन की दुनिया का नया अनुभव हासिल करते हुए "कलम के सच्चे सिपाही" का कर्तव्य निभा रहे हैं।

संबंधित समाचार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button