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यूपी में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री बनाने के नाम पर ठगे 70 लाख! रिटायर्ड DSP हुए शिकार, दर्ज हुई FIR

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लखनऊ: सूबे की राजधानी लखनऊ में हाई-प्रोफाइल ठगों का गैंग सक्रिय है. महाठग शॉर्टकट से राजनीति में शिखर पर पहुंचने और नाम कमाने वाले नए खिलाड़ियों को अपना निशाना बना रहे हैं. वह यूपी में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री बनाने का झांसा देकर रकम ऐंठे रहे हैं. हजरतगंज पुलिस की गिरफ्त में आए जालसाज, केंद्रीय गृहमंत्री व पीए बनकर पार्टी का टिकट दिलाने व मंत्री बनाने के नाम पर ठगी करने वाले गैंग का भंडाफोड़ होने के चंद घंटों बाद ही लखनऊ में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री बनाने के नाम पर 70 लाख की ठगी का पता चला है. पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है. ठगी के शिकार लोगों में एक रिटायर्ड डीएसपी भी शामिल हैं.
पहले अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड का सदस्य बनाने के नाम पर 50 लाख ठगा
गोमतीनगर में जालसाजों ने पहले अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड में सदस्य बनवाने और इसके बाद बाल विकास पुष्टाहार में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री बनवाने के नाम पर 50 लाख रुपये ठग लिए. गोमतीनगर पुलिस के मुताबिक, कैसरबाग डॉ. बीएन वर्मा रोड निवासी हरीबाबू चौहान के परिचित संजीव कुमार ने वर्ष 2019 में नेहरू एन्क्लेव निवासी श्याम नारायण तिवारी से मुलाकात करवाई थी. वहां श्याम नारायण की पत्नी शशि तिवारी, बेटे मनीष, पीयूष और बहू भी मौजूद रहे. उन लोगों ने प्रदेश सरकार में मजबूत पकड़ होने का दावा किया था. अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड में सदस्य बनवाने के लिए के लिए 50 लाख रुपये लिए थे.
CS और प्रमुख सचिव CM की मोहर लगा दिया नियुक्ति पत्र
26 अक्टूबर 2019 को पीड़ित को मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश और प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री की मोहर लगा पत्र दिया गया, जिसमें हरीबाबू चौहान को अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड का सदस्य बनाए जाने की बात लिखी थी. पीड़ित के मुताबिक 27 अक्टूबर 2019 को अधीनस्थ बोर्ड पैनल की लिस्ट जारी हुई तो उसमें नाम नहीं था.
फिर दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री बनाने का CS का पत्र सौंपा
पुलिस की मानें तो आरोपियों ने एक बार फिर बाल पुष्टाहार में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री बनवाने का झांसा दिया था. आरोपी श्याम नारायण ने दोबारा से मुख्य सचिव की मुहर लगा पत्र हरीबाबू को दिया था. कुछ दिन में कार्यभार ग्रहण करने के लिए बुलावा आने की बात कही गई थी. पीड़ित के मुताबिक, राज्यमंत्री का पदभार नहीं मिलने पर उन्होंने श्याम नारायण तिवारी के दिए पत्र की जांच करवाई. मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव की जाली मुहर और दस्तखत कर पत्र तैयार किया गया था. हकीकत सामने आने पर पीड़ित ने रुपये वापस मांगे, लेकिन आरोपियों ने रुपये वापस करने से इनकार कर दिया. पीड़ित को शांत रहने के लिए धमकी भी दी. अब हरीबाबू ने गोमतीनगर थाने में श्याम नारायण तिवारी, उनकी पत्नी, बेटों और बहू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई है. पीड़ित का दावा है कि आरोपियों ने कई लोगों से फ्रॉड किया है. उन्होंने उधार लेकर और कुछ प्रॉपर्टी बेचकर रुपये का इंतजाम किया था.
मंडी परिषद का दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री बनवाने का दावा कर 20 लाख ठगे
सरोजनीनगर में ईओडब्ल्यू से रिटायर्ड पुलिस उपाधीक्षक (DSP) का दावा है कि मंडी परिषद का दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री बनवाने के नाम पर उनसे 20 लाख रुपये ठग लिए गए. पुलिस के मुताबिक, सरोजनीनगर के हिंदनगर निवासी ईओडब्ल्यू से रिटायर्ड पुलिस उपाधीक्षक बीएल दोहरे ने पुलिस को बताया कि सौरभ सैनी, ऋषभ सैनी, बबलू, छोटू गोविंद यादव, राजनारायण यादव और नीलेश कुमार उनके परिचित हैं. दावा है कि उन लोगों ने उनसे कहा कि नई इंडिया सेना का प्रदेश महामंत्री और विश्व हिन्दू महासभा का प्रदेश अध्यक्ष बनवा देंगे. इसके अलावा मंडी परिषद का दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री बनाने का भी दावा किया.
काम न होने पर मांगी रकम, चेक मिला मगर बाउंस हो गया
ठगी के शिकार बीएल दोहरे का कहना है कि मलिहाबाद निवासी सौरभ सैनी खुद को नई इंडिया सेना का प्रदेश अध्यक्ष, विश्व हिन्दू महासंघ का प्रदेश सचिव व भारत प्रदेश सेवा को अध्यक्ष बताता है. आरोप है कि सौरभ सैनी व उनके साथियों ने राज्यमंत्री बनवाने के नाम पर अलग-अलग समय पर 20 लाख रुपये लिए. कुछ रुपये चेक और कुछ कैश दिए गए, लेकिन काम नहीं हुआ. ठगी का अहसास होने पर उन्होंने आरोपी से रुपये वापस करने के लिए कहा तो चेक दिए गए, मगर चेक बाउंस हो गए. पीड़ित ने सौरभ सैनी, ऋषभ सैनी, बबलू, छोटू गोविंद यादव, राजनारायण यादव और नीलेश कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई है.
‘चुनाव प्रचार के लिए दिए गए थे रुपये’
आरोपी सौरभ सैनी ने अपने ऊपर लगाए गए आरोप गलत बताए हैं. उनका कहना है कि बीएल दोहरे मलिहाबाद से चुनाव लड़ना चाहते थे. चुनाव प्रचार के लिए उन्होंने 6 लाख रुपये दिए थे. बाद में उन्होंने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया और अपने रुपये वापस मांगे. उन्हें 6 लाख रुपये वापस कर दिए थे. दोहरे से सफारी ली गई थी. सफारी खरीदने के लिए चेक उन्हें दिया गया था. दो-तीन दिन सफारी चलाने के बाद वापस कर दी गई, लेकिन दोहरे ने चेक वापस नहीं किया. इसका ही फायदा वह उठा रहे हैं. सौरभ सैनी ने बीएल दोहरे पर घर जाकर पत्नी ओर बच्चों को धमकी देने का आरोप लगाया है.

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