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उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी रिकॉर्ड स्तर पर

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लखनऊ: प्रदेश में जब योगी सरकार ने सत्ता संभाली तब उनका मुख्य उद्देश्य युवाओं को रोजगार देना था. मगर यह आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं. प्रदेश में पिछले 2 साल में बेरोजगारों की संख्या में बड़ा इजाफा देखने को मिला है. बात अगर बेरोजगारी दर की हो तो उत्तर प्रदेश इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है. पिछले 2 सालों में राज्य में करीब 12.5 लाख लोगों को रोजगार से हाथ धोना पड़ा है.

सीएम योगी के मंत्री ने दी थी जानकारी

उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने इसी साल 14 फरवरी को विधान सभा सत्र में यह जानकारी दी थी कि श्रम विभाग की ओर से संचालित पोर्टल पर 7 फरवरी को 33.93 लाख बेरोजगार रजिस्टर्ड हैं.

सीएमआईई ने जारी किए आंकड़े

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के आंकड़ों पर अगर नजर डालें तो साल 2018 के मुकाबले 2019 में बेरोजगारी दर दोगुनी हो गई है. प्रदेश की औसत बेरोजगारी दर 2018 में 5.91 फीसदी थी, जो 2019 में बढ़कर 9.9 फीसदी हो गई है.

रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि 2019 में बेरोजगारी दर 45 साल के सबसे ऊपरी स्तर पर है. सीएमआईई के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में फरवरी में बेरोजगारी दर 7.37 फीसदी रही, इससे पहले यह 5.97 फीसदी रही थी. वहीं शहरी इलाकों की बात करें तो यह आंकड़ा करीब 8.65 फीसदी रहा, जो जनवरी में 9.7 फीसदी रहा था.

86 हजार नए बेरोजगार रजिस्टर्ड

सहायक निदेशक सेवायोजन सुधा पाण्डेय ने बताया कि राजधानी लखनऊ में करीब 86 हजार नए बेरोजगार रजिस्टर्ड किए गए हैं. उन्होंने कहा कि विभाग का यही उद्देश्य रहता है कि योग्यता के अनुसार अधिक से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सके.

कोरोना का पड़ रहा असर

सुधा पाण्डेय ने कहा कि कोरोना काल के चलते सेवायोजन विभाग ऑनलाइन रोजगार मेले आयोजित करा रहा है. ऑनलाइन मेले के जरिए लोगों को योग्यता के मुताबिक रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि विभाग ऑनलाइन करियर काउंसलिंग भी आयोजित कर रहा है. जिससे छात्रों पर कोविड-19 का प्रेशर न हावी हो सके.

‘ऑनलाइन करियर काउंसलिंग की गई आयोजित’

सहायक निदेशक सेवायोजन ने जानकारी दी कि शुक्रवार को शहर के महिला डिग्री कॉलेज की छात्रों के लिए ऑनलाइन करियर काउंसलिंग आयोजित की गई थी. जिसमें करीब 98 छात्रों ने शिरकत की. कॉउंसलिंग में सभी छात्रों को कोविड-19 के दुष्प्रभावों से बचने की जानकारी दी गई और तमाम ऐसे उपाय बताए गए, जिससे वह अपने रोजगार को सही से चुन सके. उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले भी एक ऑनलाइन रोजगार मेला आयोजित किया गया था.

‘सेवामित्र एप’ भी किया गया लांच

सुधा पाण्डेय ने बताया कि श्रमिकों के लिए एक ‘सेवामित्र ऐप’ भी लांच किया गया है. इसको सभी के लिए खुला रखा गया है. उन्होंने कहा अभी तक इस ऐप के जरिए 1228 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है. कोरोना की वजह से तमाम प्रवासी श्रमिक शहर लौटे हैं. प्रवासी मजदूरों को इस ऐप के तहत रोजगार दिलाया गया है. बेरोजगारी दर की बात की जाए तो पुरुषों के मुकाबले महिलाएं ज्यादा प्रभावित हुई हैं. पुरुषों में कुल बेरोजगारी का आंकड़ा जहां 9.2 फीसदी रहा है, वहीं महिलाओं में यह आंकड़ा बढ़कर करीब 12.3 फीसदी हो चुका है.

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