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लखनऊ: अनलॉक के बाद भी वीरान पड़े हैं रेस्टोरेंट

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लखनऊ: अनलॉक के बाद आम जिंदगी पटरी पर आने की कोशिश कर रही है. वहीं दूसरी तरफ रेस्टोरेंट का कारोबार भी लड़खड़ाता हुआ नजर आ रहा है. रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि भले ही अनलॉक हो गया है, लेकिन लोगों में कोरोना वायरस का ऐसा खौफ है कि आज भी उनके रेस्टोरेंट वीरान पड़े हुए हैं. उन्हें आधे कर्मचारियों के साथ ही काम चलाना पड़ रहा है, क्योंकि आमदनी पूरी तरह से ठप हो गई है.

55 दिन के लॉकडाउन के बाद लोगों को सहूलियतें मिलना शुरू हुईं. वहीं जून में रेस्टोरेंट भी खोल दिए गए, लेकिन रेस्टोरेंट्स मालिकों का कहना है कि आज भी उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. अभी भी लोग कोरोना महामारी के खौफ के साए में जी रहे हैं और रेस्टोरेंट आना पसंद नहीं कर रहे हैं. कुछ गिने-चुने ही लोग रेस्टोरेंट में आते हैं, जिसकी वजह से उन्हें अपने स्टाफ को भी कम करना पड़ा और मैन्यू में भी कटौती करनी पड़ी.

रेस्टोरेंट मालिकों ने बताया कि अब पहले जैसी रौनक उनके रेस्टोरेंट में नहीं रह गई है. पहले कभी बैठने के लिए जगह नहीं होती थी और आज रेस्टोरेंट्स पूरी तरह से वीरान पड़े हुए हैं. जो कर्मचारी लॉकडाउन के समय में अपने गांव वापस चले गए थे, वह भी वापस आने से कतरा रहे हैं. साथ ही साथ जब बिजनेस पूरी तरह से ठप हो गया है तो कैसे कर्मचारियों को सैलरी दी जाएगी, यह भी एक बड़ी समस्या रेस्टोरेंट्स मालिकों के सामने हैं. रेस्टोरेंट में आने वाले लोगों से जब हमने बात की तो उनका कहना है कि पहले कभी यहां सीट के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब आसानी से उन्हें बैठने की जगह मिल जाती है. पहले जैसी वह भीड़ अब रेस्टोरेंट में नजर नहीं आती है.

रेस्टोरेंट्स में आने से कतरा रहे लोग

अनलॉक में भले ही रेस्टोरेंट्स खुल गए हैं, लेकिन आज भी कोरोना वायरस के खौफ के चलते लोग रेस्टोरेंट में आना पसंद नहीं कर रहे हैं. वहीं जो कर्मचारी लॉकडाउन के समय में अपने गृह जनपद चले गए थे, वह भी आने में कतरा रहे हैं. रेस्टोरेंट्स मालिकों का कहना है कि उन्हें काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. साथ ही साथ स्टाफ भी कम से कम बुलाया जा रहा है. फिर भी एक उम्मीद सभी को है कि यह वक्त गुजर जाएगा और आने वाले समय में एक बार फिर से जिंदगी सामान्य हो जाएगी.

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