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कोविड-19 महामारीः अवसर एवं चुनौतियां विषय पर हुआ वेबिनार

  • वेबिनार में विचार व्यक्त करते कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित

  • देशव्यापी लाॅकडाउन में वायु प्रदूषण हुआ कमः प्रो. मनोज दीक्षित

अयोध्या। डाॅ0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के माइक्रोबायोलाॅजी विभाग एवं तकनीकी संस्थान के संयुक्त संयोजन में ”कोविड-19 महामारीः अवसर एवं चुनौतियां” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार का समापन किया गया। समापन की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 मनोज दीक्षित ने कहा कि कोविड-19 महामारी से उत्पन्न होने वाली परिस्थिति से हम सभी को सतर्क रहने की जरूरत है।

जहां देशव्यापी लाॅकडाउन में अवागमन बन्द हुआ है वही देश में इसका सकारात्मक पक्ष यह भी रहा कि वायु प्रदुषण कम हो गया है जिससे ओजोन परत की क्षति पूर्ति हो गयी। इसका दूसरा नकारात्मक पक्ष यह रहा कि बायोमेडिकल वेस्ट का प्रबंधन को चुनौतीपूर्ण हो गया है। प्रो0 दीक्षित ने बताया कि वर्तमान समय में बायोलॉजिकल क्लॉक बदल रहा है।

साथ ही उन्होंने वर्तमान परिस्थिति में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन के प्रभाव पर चर्चा की। वेबिनार के मुख्य अतिथि अवध विश्वविद्यालय माइक्रोबायोलाॅजी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो0 एस0 के0 गर्ग ने कोविड-19 महामारी के संक्रमण एवं उसके प्रसार के बारे में विस्तार से बताया।

प्रो0 गर्ग ने बताया कि वर्तमान समय में इस वायरस में तेजी से म्युटेशन हो रहा है। इसलिए वायरस की लम्बे समय तक रहने की सम्भावना है। इस महामारी से निपटने के लिए वैज्ञानिक रिसर्च कर रहे है। लेकिन अभी तक इसके लिए वैक्सीन और मेडिसिन मार्केट में नही हैं। इस पर वैज्ञानिकों एवं सरकारों को तेजी के साथ काम करना होगा।

विशिष्ट अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति प्रो0 एस0एन0 शुक्ल कहा कि इस आपदा के कारण आज हम सभी तकनीकी पर निर्भर होते जा रहे है। अधिकतर कार्य वर्क फ्राम होम के तहत तकनीकी की सहायता से कर रहे है। आने वाला समय ऑनलाइन एजुकेशन का होगा।

बायोटेक्नोलॉजी विभाग के समन्वयक एवं बायोकमेस्ट्री विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो0 रामलखन सिंह ने इस दो दिवसीय वेबिनार के आयोजन के लिए कुलपति जी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के वेबिनार से धन व समय की बचत होती है।विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को भी इस तरह के वेबिनार को आयोजित कराने के बारे में विचार करना चाहिए।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के बायोकमेस्ट्री विभाग के प्रो0 बेचन शर्मा ने बताया कि कोविड-19 पर नियंत्रण पाने के लिए लगातार शोध किये जा रहे है। जबतक इसका सटीक इलाज नही मिल जाता है। तबतक हम सभी को सोशल डिस्टेसिंग का पालन करना होगा।

वेबिनार का सफल बनाने में डाॅ0 मणिकांत त्रिपाठी, डाॅ0 आशुतोष त्रिपाठी एवं अनुराग सिंह, इंजीनियर रमेश मिश्रा, इंजीनियर परितोष त्रिपाठी, इंजीनियर विनीत कुमार सिंह एवं उनकी टीम ने अपना तकनीकी सहयोग प्रदान किया। इस अवसर पर प्रो0 आरएन राय, प्रो0 सी0के0 मिश्र, डाॅ0 नीलम पाठक, डाॅ0 नीलम यादव सहित अन्य उपस्थित रहे।

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