खबर तह तक

जेल भरो आन्दोलन तक बलिदान करने में किसी प्रकार का संकोच नही

लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ सरकार द़ारा शिक्षकों के प्रति अपनाई जा रही दण्डात्मक नीतियों के विरोध में अपने सीमित संसाधनों के आधार पर कोरोना के आक्रमण की परिस्थितियां होते हुए भी सत्याग्रह द्वारा जेल भरो आन्दोलन तक बलिदान करने में किसी प्रकार का संकोच नही करेगा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री, उप-मुख्यमंत्री/माध्यमिक शिक्षामंत्री, प्रमुख सचिव, माध्यमिक शिक्षा, शिक्षा निदेशक माध्यमिक एवं सचिव, माध्यमिक शिक्षा परिषद को पत्र लिख कर दी है।

प्रदेशीय मंत्री एवं प्रवक्ता डा0 आर0पी0 मिश्र ने बताया कि अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा ने अपने पत्र में लिखा है कि कतिपय जनपदों से सूचनाएं प्राप्त हो रही हैं कि शिक्षकों को विपरीत परिस्थितियो के होते हुए भी मूल्यांकन केन्द्रो पर मूल्यांकन का कार्य करने को बाध्य किया जा रहा हैं। यह भी सूचनाएं मिल रही हैं कि कतिपय जिला विद्यालय निरीक्षक प्रधानाचार्यों व प्रबन्धकों के माध्यम के साथ साथ अपनी ओर से शिक्षकों को वेतन कटौती तथा सेवा समाप्ति द्वारा दण्डित करने की धमकियां लिखित रूप में दे रहे हैं।

जेल भरो आन्दोलन तक बलिदान करने में किसी प्रकार का संकोच नही

राज्य सरकार की शक्तियों के विभिन्न प्रकार से प्रयोग द्वारा शिक्षकों को अपनी इच्छाओं के विपरीत एवं कोरोना के भय के रहते हुए विषम परिस्थितियों में मूल्यांकन केन्द्रों पर उपस्थिति को छिपे रूप में बाध्यकारी बना दिया गया है। मूल्यांकन केन्द्रों पर जाने वाले शिक्षकों के परिवारों में तथा स्वयं शिक्षकों में भय और आतंक का वातावरण व्याप्त है। यहां तक कहा जा रहा है कि शिक्षक समुदाय इस समय अधिनायकवादी शक्तियों से प्रतिबन्धित होकर कार्य की परिस्थितियों से घेर दिया गया है। यह परिस्थिति भारत का संविधान के अनुच्छेद 20 अर्थात जीवन के अधिकार से वंचित किए जाने के अधिकारों में ही सम्मिलित मानी जाएंगी।

जेल भरो आन्दोलन तक बलिदान करने में किसी प्रकार का संकोच नही

ओम प्रकाश शर्मा ने अपने पत्र में शिक्षकों को आवस्त किया है कि भारत के संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकार पूर्ण रूप से प्रभावी हैं और यह संगठन प्रत्येक शिक्षक को उन मौलिक अधिकारों के प्रति आवस्त करता है कि शिक्षक समुदाय को कोई भी शक्ति जीवन के अधिकार से वंचित नही कर सकेगी।ओम प्रकाश शर्मा ने अपने पत्र में शिक्षकों से अनुरोध किया है कि मौलिक अधिकारों की रक्षा हेतु शिक्षकों के दायित्वों का निर्वहन करने की दृटि से सत्याग्रह जैसे आन्दोलन के लिए मानसिक रूप से तत्पर रहें।

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More