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बरेली लौटे प्रवासी श्रमिकों के स्वास्थ्य की करें विशेष निगरानी: श्रीकांत शर्मा

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रभारी मंत्री बरेली श्रीकांत शर्मा ने बुधवार को कोरोना व प्रवासी श्रमिकों की बरेली वापसी को लेकर जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये समीक्षा की। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में वापस आ रहे प्रवासी श्रमिकों के स्वास्थ्य की विशेष निगरानी रखें। जरूरत पड़े तो अलग से टीमें बनाकर सहयोग लें।

चाहे वह क्वारन्टीन सेंटर में हों या होम क्वारन्टीन में सभी की निगरानी अति आवश्यक है। गांवों में ग्राम प्रधानों व आसपास के निवासियों का भी सहयोग लेकर व्यवस्था को सुदृढ करें, जिससे कोरोना के प्रसार को रोका जा सके। कहा कि गुरुवार को वह क्वारन्टीन सेंटर में क्वारन्टीन किये लोगों व कोविड वार्ड के मरीजों से बात भी करेंगे।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि अधिकारी नियमित कोविड वार्ड, टेस्टिंग लैब्स, फील्ड सर्वे, क्वारन्टीन सेंटर्स व कम्युनिटी किचेन की व्यवस्थाओं की निगरानी करें। सुरक्षा के मानकों से कोई समझौता स्वीकार नहीं है न ही व्यवस्थाओं में कोताही की कोई गुंजाइश रहे। अधिकारी पूरी निष्ठा से काम करें और समाज में सरकार के जनहित के कार्यों की छाप छोड़ें। लापरवाही पर जवाबदेही भी तय की जाएगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी व मुख्यमंत्री योगी आदियनाथ के स्पष्ट निर्देश हैं कि कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए। यदि किसी के पास राशन कार्ड नहीं है तो भी उसे राशन जरूर मिले। प्रशासन राशन कार्ड न रखने वालों के राशनकार्ड भी बनवाने में सहयोग करे। कम्युनिटी किचेन के खाने की गुणवत्ता व कोविड वार्ड में दिए जा रहे भोजन दोनो की गुणवत्ता की निगरानी प्रशासनिक अधिकारी जरूर करें।

उन्होंने कहा कि अभी तक 62 हजार प्रवासी श्रमिकों को मनरेगा व 20 हजार को उनकी योग्यतानुसार स्थानीय औद्योगिक इकाईयों में रोजगार दिया जा चुका है। निर्देशित किया कि जो भी प्रवासी श्रमिक जनपद लौट रहे हैं सभी के रोजगार का प्रबंध भी प्रशासन करे। मनरेगा के जरिये अधिक से अधिक लोगों को रोजगार दिलाया जाए। जो औद्योगिक इकाईयां अभी शुरू नहीं हो पाई हैं, को भी शुरू कराकर प्रबंधन से संवाद कर वहां भी प्रवासी श्रमिकों को उनकी योग्यतानुसार काम दिलाने में मदद करें। किसी को कठिनाई का सामना न करना पड़े, इस बात का भी ध्यान रखा जाए।

उन्होंने कहा कि जनपद की सीमा पर भी विशेष निगरानी की व्यवस्था हो, आने वाले व्यक्तियों की स्क्रीनिंग भी होनी चाहिए। कोई भी प्रवासी पैदल न चले, प्रशासनिक अधिकारी जिलों को उपलब्ध कराई गई परिवहन निगम की बसों का उपयोग कर उन्हें गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था करें। कहीं कोई ढिलाई न होने पाए, जिससे कोरोना को हराया जा सके और बरेली कोरोना मुक्त जिला बने।

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