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सबसे ताकतवर देश अमेरिका में पहली बार हुआ हिंसक प्रदर्शन

वाशिंगटन। देश के सबसे ताकतवर देशों में शुमार अमेरिका कोरोना वायरस के बाद इन दिनों एक नए संकट से जूझ रहा है। अमेरिका में जॉर्ज फ्लॉयड नामक अश्वेत व्यक्ति की पुलिस अधिकारी के हाथों मौत के बाद इंसाफ के लिए लोग सड़कों पर उतर आए हैं। अमेरिका के 30 शहरों में इस समय हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं।

रविवार को हिंसक प्रदर्शनों की आग राष्‍ट्रपति निवास वाइट हाउस तक पहुंच गई। भारी संख्‍या में प्रदर्शनकारी वाइट हाउस के बाहर जुटे तो राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप की सीक्रेट सिक्‍योरिटी को खतरा महसूस हुआ। फौरन ट्रंप को ऐसे ही हालात के लिए बिल्डिंग के नीचे बने प्रेसिडेंशियल इमर्जेंसी ऑपरेशंस सेंटर (PEOC) में ले जाया गया। हालांकि कुछ समय बाद, उन्‍हें वहां से बाहर निकाल लिया गया।

क्‍यों वाइट हाउस के नीचे बनाना पड़ा बंकर?

दूसरे विश्‍व युद्ध के दौरान अमेरिका को डर था कि कहीं दुश्‍मन हवाई हमलों के जरिए वाइट हाउस को निशाना न बना ले। तब राष्‍ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्‍ट थे जिनकी सुरक्षा के लिए वाइट हाउस के नीचे ही 1942 में बंकर तैयार किया गया। अगर वाइट हाउस की सिक्‍योरिटी में कोई ब्रीच होता है तो राष्‍ट्रपति समेत सभी जरूरी हस्तियों को PEOC के बिल्‍कुल बगल में स्थित, एक्‍जीक्‍यूटिव ब्रीफिंग रूम ले जाया जाता है। यहां पर टीवी, फोन, हाईस्‍पीड इंटरनेट समेत कम्‍युनिकेशन के लेटेस्‍ट इक्विपमेंट्स मौजूद रहते हैं ताकि राष्‍ट्रपति अपना काम जारी रख सकें। PEOC में मिलिट्री और नान-कमिशंड ऑफिसर्स लगातार तैनात रहते हैं।

प्रदर्शनकारियों को व्हाइट हाउस की तरफ आगे बढ़ने से रोका। व्हाइट हाउस तक प्रदर्शनकारियों के पहुंचने पर डोनाल्ड ट्रम्प की टीम के सदस्य तथा सुरक्षाकर्मी भी हैरान थे। हालांकि अभी यह पता नहीं चल पाया है कि ट्रम्प के साथ उनकी पत्नी मेलानिया ट्रम्प तथा सलाहकार बैरन ट्रम्प भी बंकर में ले जाए गए थे या नहीं। बता दें कि अमेरिका में पिछले कई दिनों से वॉशिंगटन समेत 40 शहरों में कर्फ्यू लगा हुआ है। अश्वेत अफ्रीकन-अमेरिकन नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद अमेरिका की सड़कों पर लगातार प्रदर्शन हो रहा है।

दरअसल, पिछले सोमवार को एक रेस्टोरेंट में सिक्योरिटी गार्ड का काम कर रहे जॉर्ज फ्लॉयड को जालसाजी के आरोप में पुलिस ने पकड़ा था। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हुआ था। इस वीडियो में दिख रहा है कि जॉर्ज ने गिरफ्तारी के समय किसी तरह का विरोध नहीं किया था। इस दौरान पुलिस उसे हाथों में हथकड़ी पहनाकर जमीन पर लिटाई हुई थी। एक पुलिस अधिकारी उसकी गर्दन को घुटनों से दबाता दिख रहा है। वीडियो में सुनाई दे रहा है कि जॉर्ज कहता है कि वह सांस नहीं ले पा रहा है, इसके बाद भी अधिकारी उसकी गर्दन से अपना घुटना नहीं हटाता।

Saloni Bhatt

सलोनी भल्ला पत्रकारिता में पिछले चार साल से एक्टिव हैं। यहां से पहले अमर उजाला में कार्यरत थीं। "खबरी अड्डा" के बाद साथ-साथ लाइव टुडे में भी कार्यरत हैं। वॉयस ओवर आर्टिस्ट, कंटेंट राइटिंग, कंटेंट एडिटिंग और एंकरिंग में एक्सपीरियंस है। लेखन में पॉलीटिकल, क्राइम, एंटरटेनमेंट, ब्यूटी और हेल्थ के साथ-साथ गली मोहल्लों  की खबरों से लेकर सोशल मीडिया तक की चहल-पहल पर अपनी पैनी नजर रखती हैं।

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