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राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर आयोजित गोष्ठी

डेंगू की रोकथाम के लिए जन जागरूकता जरूरी: एम.ए.खान

राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर हुई गोष्ठी

अयोध्या। राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर कोविड-19 महामारी को देखते हुए जिला मलेरिया कार्यालय में एक गोष्टी की गई। गोष्ठी में सोशल डिस्टेंशिंग का पालन करते हुए डेंगू के रोकथाम पर चर्चा की गई। चर्चा में बताया गया कि कोरोंना के साथ मच्छर जनित रोगों से जागरूक होकर ही लड़ा जा सकता है ताकि कोरोना वायरस के साथ साथ डेंगू के प्रसार में भी रोकथाम की जा सके। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि जिला चिकित्सालय में अलग से डेंगू वार्ड भी निर्मित किया गये है जिससे डेंगू से ग्रसित लोगों को गुणवत्तायुक्त इलाज हो सके। उन्होने बताया कि यह संदेश लोगों के बीच जरूर जाये कि डेंगू से डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि प्रत्येक डेंगू जानलेवा नहीं होता है।

गोष्ठी मे जिला मलेरिया अधिकारी एम.ए. खान ने बताया कि डेंगू एक विषाणु जनित रोग है जो कि ‘’एडीज़ एजिप्टियाई’’ नामक वाहक मच्छर के द्वारा फैलता है। बरसात के मौसम मे यह और अधिक जानलेवा हो जाता है जानकारी के अभाव के कारण प्रति वर्ष हजारो लोग इस रोग के चपेट मे आते है, जिसके कारण स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाने का निर्णय लिया जिससे कि डेंगू के प्रति लोगो के बीच में  जागरूकता लाई जा सके।

पिछले तीन वर्षो में डेंगू के रोगियों की संख्या इस प्रकार है  वर्ष 2017 एवं 2018 और 2019 मे क्रमश  11,25 एवं 226 डेंगू के रोगी जनपद मे पाये गये। उन्होने बताया कि यह संदेश लोगों के बीच जरूर जाये कि डेंगू से डरने की जरूरत नहीं है क्यूंकि प्रत्येक डेंगू जानलेवा नहीं होता है। इसलिए मच्छर को रोकने के लिए एंटीलार्वा का छिड़काव,सोर्स रीडकश्न, घर में जमे पानी की निकासी एवं घरों की सफाई बहुत जरूरी है।

डीएमओ एम्.ए. खान बताया कि डेंगू की रोकथाम मे जन जागरूकता एवं जन सहभागिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। पानी के सभी बर्तन, टंकी पूरी तरह ढक कर रखे द्यघर के आसपास पानी जमा न होने दे। बच्चो को पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाये, बुखार आने पर पैरासिटामोल की टैबलेट दें। अधिक बुखार होने पर चिकित्सक से सलाह ले झोला छाप डाक्टर से बचे। उन्होने बताया कि ‘’डेंगू के प्रति जागरूक बने और दूसरो को भी जागरूक बनाये ‘’ सप्ताह मे एक बार कूलर , फूलदान , पशु पक्षियो के पीने के बर्तनो आदि को साफ कर एवं सूखा कर उपयोग करने पर बल दिया।  जिला अस्पताल मे 10 एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 02 बेड डेंगू रोगियो के उपचार हेतु आरक्षित किये गये है।

उन्होने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रो मे आशा व एएनएम मच्छर प्रजनन नियंत्रण को लेकर लोगो को जागरूक करेंगे  यदि किसी के घर, कार्यालय , संस्थान , व्यवसायिक प्रतिष्ठान व स्कूल दृकालेज मे मच्छर जनित परिस्थितियां पाई जाती है ,तो भवन स्वामी के विरुद्ध नोटिस जारी किया जाएगा। भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत विभाग उसके खिलाफ कार्यवाही करेगा। गोष्ठी में मलेरिया निरीक्षक राजेश कुमार, संतोष कुमार तिवारी, कीट संग्राहक आलोक चंद्र शुक्ल, फील्ड वर्कर राम लौट मौजूद थे ।

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