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मजदूरों की मौतों पर बोले शिवपाल- ‘अब तो कुछ कीजिए सरकार’

लखनऊ। महामारी कोरोना वायरस को लेकर देशव्यापी लॉकडाउन है। ऐसे में सबसे ज्यादा समस्या दिहाड़ी मजदूरों और श्रमिक वर्ग के सामने आई रोजगार-धंधे बंद हो गए नौबत भुखमरी की आई तो ये प्रवासी मजदूर अपने घरों को लौटने लगे. पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद होने के चलते ये भी बड़ा टास्क है। हालांकि लॉकडाउन 3.0 में श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई अवश्य गई हैं लेकिन वो इनकी जनसंख्या को देखते हुए पर्याप्त नहीं है। ऐसे में बहुत से श्रमिक हादसों का भी शिकार हो रहे हैं। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहियावादी के नेता शिवपाल सिंह यादव ने हादसों में श्रमिकों की मौत पर श्रद्धांजलि देते हुए सरकार पर तंज कसा है।

शिवपाल ने ट्वीट कर सरकार से कहा है की ‘अब तो कुछ कीजिए सरकार कहीं बहुत देर ना हो जाए’। अपने ट्वीट में शिवपाल ने मजदूरों को श्रद्धांजलि दी है और कहा है कि बाराबंकी, बहराइच व जालौन में प्रवासी एक बार फिर हादसे के शिकार हुए हैं और 6 मजदूरों की जान गई है। श्रद्धांजलि!……. उन्होंने लिखा मुजफ्फरनगर, गुना, समस्तीपुर, औरंगाबाद हर जगह मजदूरों के हिस्से में हादसे आ रहे हैं। इन हृदय विदारक घटनाओं से मन व्यथित है। अब तो कुछ कीजिए सरकार…कहीं बहुत देर न हो जाए…इससे पहले कल भी शिवपाल ने सरकार से सवाल किया था कि मजदूरों के लिए वंदे भारत मिशन क्यों नहीं?

शिवपाल ने सरकार पर उठाए सवाल

उन्होंने कहा उप्र के मुजफ्फरनगर में बस हादसे में प्रवासी मज़दूरों की मृत्यु हृदय विदारक है. कड़ी धूप में भूखे पेट पैदल चल रहे इन प्रवासी मजदूरों के साथ हो रहे इन क्रूर हादसों के लिए कौन जिम्मेदार है? मजदूरों के प्रति सरकार की इतनी असंवेदनशीलता क्यों? उनके लिए कोई ‘वंदे भारत मिशन’ क्यों नहीं? लगातार प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के नेता मजदूरों के मुद्दे पर सरकार से मुखातिब हैं। अब तक अलग-अलग हादसों में बहुत से मजदूरों को जान गंवानी पड़ी है।

Saurabh Bhatt

सौरभ भट्ट पिछले दस सालों से मीडिया से जुड़े हैं। यहां से पहले टेलीग्राफ में कार्यरत थे। इन्हें कई छोटे-बड़े न्यूज़ पेपर, न्यूज़ चैनल और वेब पोर्टल में रिपोर्टिंग और डेस्क पर काम करने का अनुभव है। इनकी हिन्दी और अंग्रेज़ी भाषा पर अच्छी पकड़ है। साथ ही पॉलिटिकल मुद्दों, प्रशासन और क्राइम की खबरों की अच्छी समझ रखते हैं।

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