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अमेठी का विमान हुआ क्रैश, 21 वर्षीय प्रशिक्षु पायलट की हुई मौत।

लोकेश त्रिपाठी – अमेठी जिले के तिलोई तहसील अंतर्गत फुरसतगंज स्थित इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी के एक हवाई जहाज़ के क्रैश से सम्बंधित जानकारी-

फुरसतगंज स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी IGRUA से आज सुबह लगभग 10:20 पर यहां पर प्रशिक्षण ले रहे कोणार्क शरन जो टीवी 20 प्रशिक्षण विमान से क्रॉस कंट्री सोलो प्रशिक्षण के लिए उड़ान भरी लगभाग 11बजकर 20 मिनट पर उनका यह विमान आजमगढ़ जनपद में क्रैश हो गया जिसमें प्रशिक्षु पायलट कोणार्क शरन की मौत हो गई ।

मृतक प्रशिक्षु पायलट 21 वर्ष का था और संस्थान में प्रशिक्षण के 125 घंटे पूर्ण कर चुका था। यह पायलट पलवर हरियाणा का रहने वाला था। प्रथम दृष्ट्या यह दुखद घटना मौसम की खराबी के कारण हुई। यह जानकारी इगरूवा के मीडिया प्रभारी राम किशोर द्विवेदी ने दी।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक कोणार्क शरन के पिता राम शरन एयर इंडिया में कार्यरत थे जो अब रिटायर हो गए हैं। 3 बहनो का इकलौता भाई था मृतक प्रशिक्षु पायलट।

यह एक 4 सीटर TB 20 जहाज़ था जिसे ट्रेनी पायलट कोणार्क सरन (उम्र 21 वर्ष) उड़ा रहे थे।

जहाज़ ने सुबह लगभग 10.30 पर फुरसतगंज स्थित उड्डयन एकेडमी से उड़ान भरी और लगभग 11.30 बजे दुर्घटना की सूचना प्राप्त हुई।

घटनास्थल – ज़िला आज़मगढ़ में मीर सराय थाना क्षेत्र में एक गाँव के समीप।

मृतक ट्रेनी पायलट हरियाणा के पलवल जिले का निवासी था। यहाँ इन्होंने ने 125 घण्टे की ट्रेनिंग पूरी कर ली थी । जिसमे से 52 घण्टे सोलो (अकेले) जहाज़ उड़ाने का तजुर्बा प्राप्त कर चुके थे।

पायलट ट्रेनिंग कोर्स में 200 घण्टे जहाज़ पे प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है । जिसमे से कोणार्क सरन ने 125 घण्टे पूर्ण कर लिए थे।

प्रथम दृष्टया प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्घटना का कारण ख़राब मौसमबताया जा रहा है।

जहाज़ CB clouds में फंस गया था। जो कि काफ़ी घने और बिजली से भरे होते हैं।

कोणार्क सरन बेहद काबिल प्रशिक्षु थे और उनका अभी तक का प्रशिक्षण रिकॉर्ड काफ़ी अच्छा था। साथ ही जिस जहाज़ (TB 20) को वो उड़ा रहे थे, वो पूर्ण रूप से सुरक्षित एवं विश्वसनीय था। TB 20 जहाज़ को दुनिया भर में ट्रेनिंग के लिए एक आदर्श विमान माना जाता है।

इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी में वायुयानों का रखरखाव तथा उड़ान प्रशिक्षण देश के सभी मानकों के अनुकूल होता है।

मौसम की ख़राबी के कारण हुई दुर्घटना से संस्थान में शोक व्याप्त है।

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