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UNHRC में कश्मीर मसले को उठाने की तैयारी में PAK, भारत देगा मुहतोड़ जवाब

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के 42वें अधिवेशन में शामिल होने के लिए जेनेवा पहुंच गए हैं. UNHRC का यह अधिवेशन तीन सप्ताह तक चलेगा. पाकिस्तान इस अधिवेशन को भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कश्मीर मसले को उठाने के लिए एक मौके के रूप में देख रहा है.

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अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी किए जाने के बाद से ही पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार कहता रहा है कि जम्मू-कश्मीर में भारत सरकार दमन कर रही है, जबकि भारत उसके हर दावे को खारिज करता रहा है.

UNHRC में पाक की विशेष सत्र की मांग

पाक विदेश मंत्री कुरैशी न सिर्फ UNHRC में कश्मीर मसले को उठाने वाले हैं, बल्कि वे भारत के खिलाफ समर्थन प्राप्त करने के लिए ‘कश्मीर रिजोल्यूशन’ भी पेश करने की तैयारी में हैं. पाकिस्तान यह कोशिश करता रहा है कि UNHRC में कश्मीर को लेकर एक विशेष सत्र आयोजित किया जाए.

पाकिस्तान इसके लिए तमाम कूटनीतिक प्रयास भी कर चुका है कि अगर वह UNHRC के कुल 47 सदस्यों में से 16 का समर्थन जुटा ले तो उसे एक तिहाई सदस्यों का समर्थन प्राप्त हो जाएगा.

मुस्लिम देशों के संगठन ‘ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन’ (OIC) के सदस्य देशों की UNHRC में मुख्य भूमिका होगी. OIC के 15 सदस्य देश UNHRC के भी सदस्य हैं. हाल ही में OIC ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकारों को लेकर चिंता जताई थी.

35 विदेश मंत्रियों से मुलाकात

OIC के अलावा चीन भी UNHRC का पूर्ण​कालिक सदस्य है और कश्मीर मसले पर वह खुलकर पाकिस्तान का साथ दे रहा है. कुरैशी ने पिछले महीने में 35 से ज्यादा विदेश ​मंत्रियों से मुलाकात की है. इसलिए उन्हें लगता है कि UNHRC में उन्हें इसका लाभ मिलेगा.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की विशेष दूत के रूप में जेनेवा पहुंची ताहिमा जांजुआ भी भारत के खिलाफ कई देशों से समर्थन प्राप्त करने की कोशिश में लगी हैं. दूसरी तरफ भारत भी पाकिस्तान का जबरदस्त विरोध कर रहा है और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है कि UNHRC में पाकिस्तान का कश्मीर रिजोल्यूशन मंजूर न हो.

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जवाब देने की तैयारी में भारत

भारत के राजनयिक अजय बिसारिया की अगुवाई में भारतीय प्रतिनिधि मंडल जेनेवा पहुंच चुका है और वह UNHRC में पाकिस्तान के प्रस्ताव लाने की कोशिशों के खिलाफ तगड़ा प्रतिरोध कर रहा है.

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी पाकिस्तान की कोशिशों को मात देने के लिए कई यूरोपीय और एशियाई देशों के साथ संपर्क किया है. हालांकि, अब कश्मीर मसले पर UNHRC में क्या होगा, यह दोनों देशों की कूटनीतिक सफलता और असफलता पर निर्भर करेगा.

UNHRC कश्मीर मसले पर दो वार्षिक रिपोर्ट जारी करने के साथ कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन पर अपनी राय पहले ही जाहिर कर चुका है.

पाकिस्तान UNHRC में एमनेस्टी इंटरनेशनल और ह्यूमन राइट वॉच जैसे मानवाधिकार संगठनों का संदर्भ भी देने की तैयारी में है. इसके अलावा, पाकिस्तान ने यू​नाइटेड नेशन्स जनरल असेंबली (UNGA) में भी इस मुद्दे को उठाने की जी तोड़ कोशिश कर रहा है.

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Saloni

सलोनी भल्ला पत्रकारिता में पिछले चार साल से एक्टिव हैं। यहां से पहले अमर उजाला में कार्यरत थीं। "खबरी अड्डा" के बाद साथ-साथ लाइव टुडे में भी कार्यरत हैं। वॉयस ओवर आर्टिस्ट, कंटेंट राइटिंग, कंटेंट एडिटिंग और एंकरिंग में एक्सपीरियंस है। लेखन में पॉलीटिकल, क्राइम, एंटरटेनमेंट, ब्यूटी और हेल्थ के साथ-साथ गली मोहल्लों  की खबरों से लेकर सोशल मीडिया तक की चहल-पहल पर अपनी पैनी नजर रखती हैं।

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