उत्तर प्रदेशबड़ी खबरलखनऊ

शिक्षक भर्ती: लखनऊ में युवाओं पर लाठीचार्ज को लेकर वरुण गांधी का अपनी ही सरकार पर निशाना, पूछा- ये आपके बच्चे होते तो…?

उत्तर प्रदेश में 69,000 सहायक शिक्षकों की भर्ती का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. अभ्यर्थी अनियमितता का आरोप लगाकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. इसी बीच लखनऊ में विरोध जताने के लिए कैंडल मार्च निकाल रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. इसके बाद राजनीतिक गलियारों में भूचाल सा आ गया. रविवार को सांसद वरुण गांधी ने सोशल मीडिया में वीडियो पोस्ट कर अपनी सरकार पर ही सवाल उठाए. वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने भी बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है.

बता दें, बीते दिन यानी शनिवार को घटना के बाद ही राज्य के पूर्व सीएम व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने भी यूपी की सरकार को घेरा था.

वरुण गांधी बोले- ये आपके बच्चे होते तो उनके साथ भी यही व्यवहार होता?

सांसद वरुण गांधी ने ट्वीट कर लिखा – ‘ये बच्चे भी मां भारती के लाल हैं, इनकी बात मानना तो दूर, कोई सुनने को तैयार नहीं है. इस पर भी इनके ऊपर ये बर्बर लाठीचार्ज. अपने दिल पर हाथ रखकर सोचिए क्या ये आपके बच्चे होते तो इनके साथ यही व्यवहार होता??… आपके पास रिक्तियां भी हैं और योग्य अभ्यर्थी भी, तो भर्तियां क्यों नहीं??’

विपक्षी दलों ने सरकार को चारो ओर से घेरा

बता दें, हाल ही में UPTET भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने का भी मामला सामने आया है. इसमें यूपी पुलिस ने 26 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया है. हालांकि विपक्षी दल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी यूपी में बीजेपी सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं.

राहुल-अखिलेश ने BJP को घेरा, पढ़ें क्या बोले AAP नेता

1- वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने ट्वीट कर कहा- ‘रोजजगार मांगने वालों को UP सरकार ने लाठियां बरसाईं. जब भाजपा वोट मांगने आए तो याद रखना!’

2- बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने कहा- ‘यूपी में 69 हजार शिक्षक भर्ती के पुराने व लंबित मामले को लेकर राजधानी लखनऊ में कल रात शान्तिपूर्ण कैंडल मार्च निकालने वाले सैकड़ों युवाओं पर पुलिस का लाठीचार्ज करके घायल करना अति-दुःखद व निन्दनीय. सरकार इनकी जायज मांगों पर तुरंत सहानुभूतिपूर्वक विचार करे, बीएसपी की यह मांग है.’

3- उधर, यूपी के पूर्व सीएम व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी बीजेपी सरकार को घेरा है. वीडियो ट्वीट करके अखिलेश ने लिखा- ‘भाजपा के राज में भावी शिक्षकों पर लाठीचार्ज करके ‘विश्व गुरु’ बनने का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है. हम 69000 शिक्षक भर्ती की मांगों के साथ हैं. युवा कहे आज का ~ नहीं चाहिए भाजपा’

4- समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) ने ट्विटर पर वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा- ‘69000 शिक्षक भर्ती में पिछड़ों-दलितों का आरक्षण मारने वाले CM अब लाठियां बरसा रहे हैं. लखनऊ में शांतिपूर्ण तरीके से कैंडल मार्च निकाल रहे 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यार्थियों पर पुलिस द्वारा बर्बर लाठीचार्ज दुखद एवं शर्मनाक! …. युवा बेरोजगारों इंकलाब होगा, बाइस में बदलाव होगा.’

5- आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने इस लाठीचार्ज का वीडियो ट्वीट करते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार को घेरा है. उन्होंने कहा- ‘आदित्यनाथ जी जितना मन चाहे इन बेरोजगार नौजवानों को पिटवा लीजिये, लेकिन दो बात याद रखियेगा. इन्ही नौजवानों ने आपको सत्ता के शिखर तक पहुंचाया है. बेरोजगारों पर हो रहे जुर्म आपकी सत्ता के ताबूत में आख़िरी कील साबित होगी.’

क्या है पूरा मामला समझें

दरअसल, प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में 37 हजार अध्यापकों के पदों को भरने के लिए 69000 अभ्यर्थियों का धरना प्रदर्शन लगातार चल रहा है. सैकड़ों की संख्या में यह अभ्यर्थी पिछले 5 महीने से लगातार अपनी मांगों को लेकर NCERT कार्यालय पर धरना दे रहे हैं. शनिवार को शिक्षक अभ्यर्थी कैंडल मार्च के साथ 1090 चौराहे से CM आवास की ओर बढ़ने लगे. तभी लोहिया पथ पर जियामऊ मोड़ के पास ही पुलिस ने इन्हें रोका और झड़प के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. आरोप है कि पुलिस ने अभ्यर्थियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा. रोड के किनारे लगी रेलिंग फांदकर किसी तरह अभ्यर्थियों ने जान बचाई और भाग निकले. इस लाठीचार्ज में 6 से ज्यादा अभ्यर्थी घायल हो गए.

खबरी अड्डा

Khabri Adda Media Group has been known for its unbiased, fearless and responsible Hindi journalism since 2019. The proud journey since 3 years has been full of challenges, success, milestones, and love of readers. Above all, we are honored to be the voice of society from several years. Because of our firm belief in integrity and honesty, along with people oriented journalism, it has been possible to serve news & views almost every day since 2019.

संबंधित समाचार

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button