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गोरखनाथ मंदिर की दुकानों पर चला बुलडोजर, अब दिखेगा शहर का नया रूप

गोरखपुर। प्रदेश के विकास के लिए दिनरात एक किये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में विकास की गंगा बहा रखी है। जिले के चारो तरफ हजारों करोड़ के प्रोजेक्ट चल रहे हैंv और इन विकास कार्यों में जब कोई अड़चन आती है तो इसे वो अधिकारियों के हवाले न कर खुद कमान संभाल लेते हैं। नाथ संप्रदाय और पूर्वांचल के लोगों के सबसे बड़े श्रद्धा के केंद्र गोरखनाथ मंदिर की कुछ दुकानें जब सड़क चौड़ीकरण में बाधक बनने लगीं तो सीएम योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले उन्हें तोड़ने का निर्देश दिया।

जाम से मिलेगा निजात

जाम की समस्या से जूझ रहे शहर को इस परेशानी से निजात दिलाने के लिए सड़कों का चौड़ीकरण किया जा रहा है। मोहद्दीपुर से जंगल कौड़िया तक निर्माणाधीन फोरलेन में गोरखनाथ एरिया में सबसे अधिक परेशानी अधिकारियों को उठानी पड़ रही थी। जिससे किसी अन्य व्यक्ति को ये न लगे कि मंदिर की दुकानें बच जायेंगी। बुधवार को मुख्य गेट से लेकर दूसरे गेट तक दो दर्जन से अधिक दुकानों को तोड़ दिया गया है। मंदिर परिसर से जुड़ी करीब 50 दुकानें तोड़ी जानी हैं। इन दुकानों को तोड़ने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही अनुमति दे दी थी। सड़क चौड़ीकरण की जब योजना बनी तब मंदिर की इन दुकानों को तोड़ने का प्रस्ताव आया था, इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुकानों को तोड़ने का निर्देश दिये।

शापिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना

गोरक्षपीठाधीश्वर ने साथ ही सालों से दुकान किये दुकानदारों के लिए नई जगह की व्यवस्था करने के निर्देश मंदिर प्रबंधन को दिये। जिससे उनके आजीविका पर कोई असर न पड़े. इसके बाद मंदिर प्रबंधन ने मंदिर के बगल में स्थित एक जमीन पर मल्टीस्टोरी शापिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना बनाई। जिसमें इन दुकानदारों को शिफ्ट किया जायेगा। काम्पलेक्स के लिए जीडीए ने मानचित्र को अप्रूव कर दिया है साथ जो प्रक्रिया थी उसे पूरी कर ली गयी है। अब उसका निर्माण कराकर उसमें दुकानदारों को शिफ्ट किया जायेगा।

17 किलोमीटर लंबे फोरलेन का निर्माण

गोरखपुर के मोहद्दीपुर से जंगल कौड़िया तक करीब 17 किलोमीटर लंबे फोरलेन के निर्माण में आड़े आ रहीं गोरखनाथ मंदिर परिसर से सटी करीब दो दर्जन दुकानों को तीन दिन में ध्वस्त कर दिया गया है। साथ ही गोरखपुर शहर में प्रवेश के लिए एक नया रास्ता भी बनेगा। लखनऊ से आने वाले लोग सहजनवां के आगे कालेसर से ही रिंग रोड होते हुए जंगल कौड़िया तक पहुंच जायेंगे। वहां से वो इस फोरलेन से शहर में प्रवेश कर सकेंगे और इसके लिए उन्हें गोरखपुर शहर को क्रास नहीं करना होगा। साथ ही ये फोरलेन जंगल कौड़िया में ही सोनौली जाने वाली हाइवे से मिल जायेगी। जिससे बड़ी संख्या में पर्यटक भी नेपाल जाते हैं। इस तरह से ये रोड शहर के विकास में एक नई गाथा लिखेगा।

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