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‘मन की बात’ में बोले पीएम : टीका न लेना खतरनाक, भ्रम एवं अफवाहों से दूर रहें

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नई दिल्ली : पीएम मोदी ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देशवासियों से अपने विचार साझा किया. ‘मन की बात’ कार्यक्रम का यह 78वां संस्करण है. इस दौरान पीएम कोरोना टीकाकरण और कई अन्य मुद्दों पर अपने बात रखी.
प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने रविवार को देशवासियों को आगाह किया कि वे यह समझने की भूल ना करें कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी खत्म हो गई है. मोदी ने कहा कि यह वायरस अपना स्वरूप बदलता है, इसलिए इससे बचाव के लिए कोरोना वायरस संबंधी सभी प्रोटोकॉल का पालन करना और टीका लगवाना ही उपाय है.
अपने विचार साझा करते हुए पीएम ने टीकों को लेकर लोगों की आशंका दूर करने की कोशिश की और उनसे भ्रम में ना पड़ने एवं अफवाहों पर ध्यान ना देने की अपील की. लोगों का भ्रम दूर करने के लिए प्रधानमंत्री ने अपना उदाहरण दिया और कहा, मैंने दोनों खुराक ली हैं. मेरी माताजी लगभग 100 साल की हैं. उन्होंने भी दोनों खुराक ले ली हैं, इसलिए टीकों को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान नहीं दें.
बहरुपिया है यह बीमारी, समाप्त करना जरूरी
उन्होंने कहा कि इस भ्रम में मत रहिए कि कोरोना वायरस समाप्त हो गया है. उन्होंने कहा, यह बीमारी ऐसी है… यह बहुरुपिया है… रूप बदलती है… नए-नए रंग-रूप लेकर पहुंच जाती है. इससे बचाव के हमारे पास दो ही रास्ते हैं. पहला रास्ता है- कोरोना वायरस संबंधी सभी प्रोटोकॉल का पालन करना और दूसरा रास्ता है टीकाकरण का.
मध्य प्रदेश के बेतूल जिले के एक गांव के लोगों से बात करते हुए प्रधानमंत्री ने अपील की कि वे बेहिचक टीका लगवाएं और अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान ना दें.
प्रधानमंत्री ने कहा, वैज्ञानिकों ने बहुत मेहनत करके और साल भर की मेहनत के बाद टीका बनाया है, इसलिए हमें विज्ञान पर भरोसा करना चाहिए, अपने वैज्ञानिकों पर भरोसा करना चाहिए. झूठ फैलाने वाले लोगों को समझाना चाहिए कि ऐसा नहीं होता है.
कोरोना वायरस के खिलाफ देश की लड़ाई जारी
उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ देश की लड़ाई जारी है और इस जंग में देश आए दिन कई असाधारण मुकाम भी हासिल कर रहा है. उन्होंने इस कड़ी में टीकाकरण अभियान के तीसरे चरण के पहले दिन 21 जून को 86 लाख से ज्यादा लोगों को मुफ्त टीका लगाए जाने का जिक्र किया.
मोदी ने कहा कि टीका नहीं लेना बहुत खतरनाक हो सकता है और इससे ना सिर्फ एक व्यक्ति अपनी जान को खतरे में डालता है, बल्कि अपने परिवार और गांव को भी खतरे में डालता है. उन्होंने कहा कि देश के कई ऐसे गांव हैं जहां शत प्रतिशत टीकाकरण हो चुका है या फिर इसके करीब है. प्रधानमंत्री ने इस सिलसिले में कश्मीर के बांदीपोरा जिले और नगालैंड के तीन गांवों का उदाहरण दिया.

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