Khabri Adda
खबर तह तक

नेस्ले कंपनी के प्रोडक्ट सेरेलैक को खिलाने से बच्ची की बिगड़ी तबीयत,सेरेलैक के पैकेट में निकले जीवित कीड़े और मरा हुआ चूहा।

ऊपर देखें वीडियो।

देश की नामी-गिरामी कंपनी नेस्ले के द्वारा छोटे बच्चों के लिए तमाम तरह के फूड प्रोडक्ट बनाए जाते हैं । ऐसे में उन्हीं में से एक प्रोडक्ट सेरेलैक है । जिसको अक्सर लोग अपने नन्हे मुन्ने को बड़े ही चाव के साथ खिलाते हैं और बच्चे उसको खाते भी हैं । ऐसे में कंपनी की बड़ी लापरवाही अमेठी में देखने को मिली है । जहां पर जिले के कमरौली थाना क्षेत्र अंतर्गत पूरे मोती शुक्ल गांव के रहने वाले प्रेम नाथ शुक्ला के द्वारा जगदीशपुर स्थित गोपाल मेडिकल स्टोर से अपनी पोती को खिलाने के लिए नेस्ले कंपनी का बेबी फूड प्रोडक्ट सेरेलैक खरीदा गया । जिसको लेकर वह जब घर पहुंचे तब पैकेट को थोड़ा सा फाड़ कर उंगली से निकाल कर अपने बच्चे को चटाया जिसके बाद बच्चे को उल्टियां आने लगी । ऐसे में उन्होंने सोचा कि शायद बच्चे को अभी खाने का मन नहीं है । इसलिए पैकेट को वैसे ही रख दिया इसके बाद सुबह जैसे फिर खाने को दिया पुनः उसको उबकाई आने लगी और उसके बाद उसने उल्टियां करना शुरू कर दिया। ऐसे में जब घरवालों ने पूरा पैकेट फाड़ कर देखा तब उनके होश उड़ गए । उन्होंने देखा कि इस बेबी फूड प्रोडक्ट में बड़े बड़े कीड़े चल रहे हैं और एक मरा हुआ चूहा अंदर मौजूद है। सेरेलैक खाने के बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ गई और उसको बुखार आ गया। आनन-फानन में प्रेम नाथ शुक्ला ने बच्चे को डॉक्टर के पास ले जा कर दिखाया । डॉक्टर ने बच्ची को दवा दी जिसके बाद बच्ची अब ठीक है। अभी भी बच्ची की दवा चल रही है । इसके उपरांत प्रेम नाथ शुक्ला ने गोपाल मेडिकल स्टोर जगदीशपुर पहुंचकर तत्काल इसकी शिकायत दर्ज कराई । जिस पर पहले तो मेडिकल स्टोर ने इधर-उधर बताना शुरू किया । बाद में उन्होंने जब सेरेलैक की एक्सपायरी डेट चेक किया तब वह भी सही थी । क्योंकि एक्सपायरी डेट दिसंबर 2021 की थी । ऐसे में मेडिकल स्टोर ने साफ तौर पर कहा इसमें मेरी कोई गलती नहीं है । यह कमी कंपनी वालों की। ऐसे में ग्राहक ने कंपनी द्वारा की गई इस जानलेवा कमी के संबंध में मीडिया के माध्यम से अधिकारियों से अपनी गुहार लगाई है । जिससे कंपनी के ऊपर शिकंजा कसा जा सके । प्रेम नाथ शुक्ला का साफ तौर पर कहना है कि ऐसे में अगर मेरी पोती के साथ कोई दुर्घटना घट जाती तो आखिर इसका जिम्मेदार कौन होता ? ऐसे में कंपनी के खिलाफ सख्ती से कार्यवाही करनी चाहिए।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More