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प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय नस्ल के कुत्तों को पालने पर दिया जोर

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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रेडियो कार्यक्रम मन की बात में देसी कुत्तों को पालने का सुझाव दिया. उन्होंने कहा, ‘अगली बार जब आप घर में पालतू कुत्ता रखने के बारे में सोचें तो आपको भारतीय नस्ल के कुत्तों के बारे में सोचना चाहिए. जब जनता का मंत्र आत्मनिर्भर भारत बन रहा है, तो किसी भी क्षेत्र में देश को पीछे नहीं रहना चाहिए.’

उन्होंने कहा, ‘मुझे यह बताया गया है कि भारतीय नस्ल के कुत्ते बहुत अच्छे होते हैं और बहुत सक्षम होते हैं. भारतीय नस्ल के कुत्तों में मुधोल हाउंड और हिमाचली हाउंड हैं, जो बहुत ही अच्छी नस्लें हैं.’

प्रधानमंत्री ने कहा कि राजापलायम, कन्नी, चिप्पीपराई और कोम्बाई भी बहुत शानदार भारतीय नस्लें हैं. इनको पालने में खर्च भी काफी कम आता है और ये भारतीय माहौल में ढले भी होते हैं.

मोदी ने कहा कि हमारी सुरक्षा एजेंसियां भी भारतीय नस्ल के इन कुत्तों को अपने सुरक्षा दस्ते में शामिल कर रही हैं. पिछले कुछ समय में सेना, सीआईएसएफ व एनएसजी ने मुधोल हाउंड कुत्तों को प्रशिक्षित करके डॉग स्क्वाड में शामिल किया है. सीआरपीएफ ने कोम्बाई कुत्तों को शामिल किया है. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, भारतीय नस्ल के कुत्तों पर भी अनुसंधान कर रहा है.

सुरक्षा बलों में कुत्तों की भूमिका की सराहना करते हुए उन्होंने दो ऐसे ही साहसी कुत्तों सोफिया और विदा का नाम लिया, जिन्हें इस साल 74वें स्वतंत्रता दिवस पर सेनाध्यक्ष प्रशंसा पत्र से सम्मानित किया गया. दोनों को देश की रक्षा करते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए सम्मानित किया गया.

उन्होंने आगे कहा, ‘आपदा प्रबंधन और बचाव मिशन में कुत्ते महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. भारत में एनडीआरएफ ने दर्जनों ऐसे कुत्तों को प्रशिक्षित किया है. ये कुत्ते भूकंप या इमारत गिरने के मलबे के नीचे फंसे लोगों का पता लगाने में विशेषज्ञ हैं.’

प्रधानमंत्री ने ऐसे कुत्तों द्वारा कई बम विस्फोटों और आतंकवादी साजिशों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की बात कहते हुए कहा, ‘हमारे सशस्त्र बलों के साथ कई ऐसे बहादुर कुत्ते जुड़े हैं, जो देश के लिए जीते हैं और सर्वोच्च बलिदान भी देते हैं.’

उन्होंने कहा, ‘ऐसे ही एक कुत्ते बलराम ने साल 2006 में अमरनाथ यात्रा मार्ग पर बड़ी मात्रा में विस्फोटकों का पता लगाया था. साल 2002 में भावना ने आईईडी का पता लगाया था. आईईडी को डिफ्यूज करने के दौरान आतंकवादियों ने वहां विस्फोट किया और वह शहीद हो गई.’

उन्होंने कहा कि करीब दो से तीन साल पहले छत्तीसगढ़ के बीजापुर में एक आईईडी विस्फोट में सीआरपीएफ के स्निफर कुत्ते- जिसका नाम क्रैकर था, शहीद हो गया.

मोदी ने कहा, ‘हाल ही में आपने टीवी पर (महाराष्ट्र की) बीड पुलिस को अपने कुत्ते रॉकी की विदाई पर आंसू गिरने वाला एक भावनात्मक दृश्य देखा था. रॉकी ने पुलिस को 300 से अधिक मामलों को सुलझाने में मदद की थी.’

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