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JEE और NEET परीक्षाओं को लेकर कांग्रेस का 7 राज्यों के सीएम संग मंथन, ममता बोलीं- एकजुट हो चलें सुप्रीम कोर्ट

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नई दिल्ली। इंजीनियरिंग और मेडकिल के पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए सितंबर में होने जा रही ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (JEE)-मेन और नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेस टेस्ट (अंडरग्रेजुएट) (NEET) परीक्षा व 27 अगस्त (गुरुवार) को होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक से पहले विपक्षी दलों की एकजुटता दिखाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज बुधवार (26 अगस्त) को 7 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक की। बैठक में नीट-जेईई एग्जाम कराने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख करने पर आम सहमति बनी।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ सात विपक्षी राज्यों के सीएम की मीटिंग में परीक्षा और जीएसटी कंपेनसेशन का भी मुद्दा उठाया। कोरोना काल में दोनों मुख्य परीक्षाओं के आयोजन समेत कई मुद्दों पर कांग्रेस अन्य दलों के साथ मिलकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश में लगी हुई है। बैठक में राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश सिंह बघेल, पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह, महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत  पुडुचेरी के सीएम नारायणस्वामी ने हिस्सा लिया।

जानिए सोनिया गांधी ने क्या कहा…

वर्चुअल बैठक के दौरान सोनिया गांधी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति से संबंधित घोषणाएं वास्तव में हमें चिंतित कर सकती हैं क्योंकि यह वास्तव में एक झटका है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की समस्याओं और परीक्षाओं के मुद्दे से केंद्र लापरवाही से निपट रहा है। मीटिंग में सोनिया ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर भी चिंता प्रकट की। उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति संबंधी घोषणाओं से हम सच में चिंतित होना चाहिए क्योंकि यह वाकई बड़ा झटका है।

विद्यार्थियों और परीक्षाओं से संबंधित समस्याओं पर भी बहुत लापरवाही भरा रवैया सामने आ रहा है।’ उन्होंने जीएसटी कंपेनसेशन देने को लेकर केंद्र सरकार की तरफ से व्यक्त की गई असमर्थता को राज्यों के साथ विश्वासघात करार दिया। सोनिया ने कहा, ’11 अगस्त को वित्त मामलों पर संसद की स्थाई समिति की मीटिंग में वित्त सचिव ने कहा था कि केंद्र सरकार इस वर्ष 14 प्रतिशत जीएसटी कंपेनसेशन का भुगतान करने की स्थिति में नहीं है। यह इनकार मोदी सरकार की तरफ विश्वासघात के सिवा और कुछ नहीं है।’

ममता ने कहा- एकजुट हो चलें सुप्रीम कोर्ट

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने विपक्षी दलों को साथ लाने की दिशा में बड़ी पहल की है। इस पहल में उन्हें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पूरा साथ मिला है। सोनिया गांधी की 7 राज्यों के मुख्यमंत्रियों की वर्चुअल बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि अगर केंद्र सरकार को लगता है कि वो NEETऔर JEE की परीक्षा को स्थगित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील नहीं करेगी तो हम (राज्य सरकारें) संयुक्त रूप से सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकते हैं। ममता बनर्जी ने कहा- ‘मेरा सभी राज्य सरकारों से अनुरोध है कि हम एक साथ आए, सुप्रीम कोर्ट जाएं और परीक्षा को तब तक के लिए स्थगित करवाएं जब तक कि हालात छात्रों को (JEE/NEET) परीक्षा में बैठने की अनुमति न दे।’ ममता बनर्जी ने अपने उन दो पत्रों का भी हवाला दिया जो उन्होंने इससे पहले प्रवेश परीक्षा को स्थगित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखा था।

जानिए छत्तीसगढ़ और झारखंड के CM ने क्या कहा…

छत्तीसगढ़ के CM भूपेश बघेल सोनिया गांधी की 7 राज्यों के CM के साथ बैठक में कहा कि ‘केंद्र ने पिछले 4 महीनों से राज्यों को GST का मुआवजा नहीं दिया है। आज स्थिति भयावह है। राज्यों को कम से कम उत्पादन के जो प्वाइंट है उसमें टैक्स लगाने की अनुमति दोबारा मिलनी चाहिए।’ झारखंड के CM हेमंत सोरेन 7 राज्यों के CM के साथ सोनिया गांधी के साथ वर्चुअल बैठक में कहा कि ‘मुझे लगता है कि सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने से पहले हमें प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति के पास जाना चाहिए।’

उद्धव ने कहा- अब स्थिति परीक्षा के अनुकूल कैसे?

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अमेरिका की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि देश में 97,000 बच्चे कोरोनो वायरस बीमारी से संक्रमित थे जब स्कूलों को फिर से खोल दिया गया था। ‘अगर ऐसी स्थिति यहां आएगी तो हम क्या करेंगे?’ उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल को जून में नहीं खोला गया जबकि जब मामलों की संख्या अपेक्षाकृत कम थी, तो अब परीक्षाओं को आयोजित करने के लिए स्थिति को कैसे अनुकूल माना जा सकता है।

पंजाब सीएम ने कहा- पीएम को बतानी होगी हमारी हालत

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने महामारी के कारण सरकार के राजस्व को हुए नुकसान पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने ममता बनर्जी के प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्रियों को एकजुट होकर पीएम नरेंद्र मोदी को हकीकत से रू-ब-रू करवाना चाहिए। पंजाब सीएम ने कहा, ‘कोविड-19 की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। हमने करीब 500 करोड़ रुपये खर्च किए। हम ऐसी परिस्थिति में फंस गए हैं जहां हमारे राज्यों की वित्तीय हालत खस्ता हो चली है। केंद्र सरकार ने जीएसटी के मुआवजे का भुगतान नहीं किया है। मैं ममता जी से सहमत हूं कि हमें एकसाथ प्रधानमंत्री से मिलना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि यहां मौजूद सभी मुख्यमंत्रियों को मिलकर सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए।

केंद्र वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के अलावा कुछ नहीं करता- अशोक गहलोत 

कोरोना के खिलाफ राज्य सरकारें लड़ाई लड़ रही हैं और केंद्र सरकार की तरफ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के अलावा कुछ नहीं हुआ है। हमारे सुझाव पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि न कोई ग्रांट दी है, न कोई सब्सिडी दी है, बल्कि लोन के रूप में बजट जारी किया गया है। जीएसटी पर अशोक गहलोत ने बताया कि हमारे राज्य का 6990 करोड़ बकाया है, हमने 25-30 लेटर प्रधानमंत्री जी को लिखे हैं, लेकिन वहां से जवाब ही नहीं आते हैं। जीएसटी को लेकर जो वादे किए गए थे, वो पूरे नहीं हो रहे हैं। जेईई-नीट एग्जाम को लेकर बैठक में अशोक गहलोत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में जाकर रिव्यू पिटीशन लगाई जाए और इस मसले पर कोई रास्ता निकाला जाए।

जानिए पुडुचेरी के सीएम ने क्या कहा…

पुडुचेरी के सीएम वी. नारायणस्वामी ने कहा कि हमारी सरकार ने फैसला किया है कि नीट-जेईई एग्जाम खत्म होना चाहिए और 12वीं क्लास के आधार पर मेडिकल कोर्स और इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन मिलना चाहिए। मैं सभी मुख्यमंत्रियों की राय के साथ हूं और सुप्रीम कोर्ट में छात्रों के लिए इस लड़ाई को लड़ेंगे।

विपक्षी दलों की यह बैठक ऐसे समय पर हुई है जब एक दिन पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने सुप्रीम कोर्ट के 17 अगस्त के आदेश का हवाला देते हुए परीक्षा शेड्यूल में बदलाव की मांग को खारिज कर दिया। बता दें कि नीट-जेईई 2020 एग्जाम 1 सितंबर से कराने का फैसला किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी एग्जाम कराने के लिए हरी झंडी दे दी है।सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा स्थगित करने की याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि ‘छात्रों के एक महत्वपूर्ण वर्ष को बर्बाद नहीं किया जा सकता है और जीवन को आगे बढ़ना है।’

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