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यूपी में आज से चलेंगी बसें, खुलेंगे मॉल और दफ्तर

लखनऊ। केंद्र सरकार के बाद सोमवार को यूपी की योगी सरकार ने लॉकडाउन 5 के अनलॉक 1 के लिए गाइडलाइन जारी कर दी है। नई गाइड लाइन के हिसाब से यूपी में सुपर मार्केट, मॉल, ब्यूटी पार्लर और सैलून खुल जाएंगे। बाजार सुबह नौ से नौ बजे तक खुलेंगे। शासन ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार के निर्देश के मुताबिक जिला प्रशासन नियमों को लागू करने के लिए ज़िम्मेदार होगा। कंटेनमेंट जोन में सख़्ती से नियम लागू रहेंगे।

राज्य के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने बताया एक राज्य से दूसरे राज्य जाने के लिए पास की जरूरत नहीं। हालांकि नोएडा/गाजियाबाद में डीएम जरूरत देख फैसला लेंगे।  टैक्सी, कैब, रिक्शा निर्धारित सवारी क्षमता के अनुसार सवारी बैठा कर चलेंगे। रोडवेज बसें चलेंगी। हर सीट पर सवारी बैठ सकेंगी। किसी को खड़ा होकर चलने की अनुमति नहीं होगी।

यूपी की  गाइडलाइन एक नजर में : 

  •  कण्टेनमेंट ज़ोन के बाहरी इलाकों में चरणबद्ध तरीके से 8 जून से धर्म-स्थल, पूजा-स्थल जनसामान्य के लिए खोले जाएंगे।
  • होटल, रेस्टोरेंट और अन्य अतिथि-सत्कार सेवाएं जैसे गेस्ट हाउस, धर्मशाला आदि भी खुलेंगे।
  • शॉपिंग माल भी खोले जाएंगे। मगर इन सबके लिए राज्य सरकार अलग से दिशा-निर्देश जारी करेगी।

व्यक्तियों और माल-वस्तुओं के बगैर रोकटोक आने-जाने की छूट

  • दूसरे राज्यों और राज्य के अन्दर दूसरे जिलों से व्यक्तियों और माल आदि के आने-जाने पर कोई पाबंदी नहीं होगी।
  • इसके लिए अलग से किसी भी तरह की अनुमति,अनुमोदन, ई-परमिट की जरूरत नहीं पड़ेगी।
  • श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के द्वारा होने वाले आवागमन, घरेलू विमान यात्राएं, विदेश में फंसे हुए भारतयों के आवागम   चिन्हित, विशिष्ट व्यक्तियों/फंसे हुए विदेश राष्ट्र नेताओं के विदेश जाने पर कोई रोक नहीं होगी।
  • सभी तरह के माल-माल परिवहन (खाली ट्रकों सहित) को अन्तर्राज्यीय परिवहन और पड़ोसी देशों के साथ की गई संधियों की शर्तों के अनुरूप सीमा-पार की अनुमति होगी।
  • जन स्वास्थ्य के हित में अग्रिम रूप से पर्याप्त प्रचार-प्रसार करते हुए स्थानीय प्राधिकारी-जिला प्रशासन द्वारा लोगों के  आवागमन को नियंत्रित किया जा सकेगा।

बुजुर्ग व बच्चे घर में ही रहेंगे, बाहर निकलने की अनुमति नहीं

  •  सभी जोन में 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग, एक से अधिक अन्य बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति, गर्भवती महिला और 10 साल की उम्र  से नीचे के बच्चे, घरों के अंदर ही रहेंगे। सिवाए उन हालात में जब स्वास्थ्य सम्बंधी जरूरतों के लिए बाहर निकलना जरूरी हो जाए।

आरोग्य सेतु एप कवच कोविड एप का प्रयोग

  • आरोग्य सेतु एप शुरुआती संक्रमण के खतरे को पहचानने  और संक्रमण के खिलाफ व्यक्ति और समुदाय  को सुरक्षा प्रदान करता है।
  • कार्यालयों और कार्य स्थल पर सभी कर्मचारियों व कार्मिकों को संक्रमण से बचाव के लिए आरोग्य सेतु एप और आयुष कवच कोविड को डाउनलोड कर लेना चाहिए।
  • इसके साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आयुष कवच कोविड एप को भी डाउनलोड किया जाए।
  • जिला प्रशासन/स्थानीय प्राधिकारी हर व्यक्ति को अपने मोबाइल फोन में आरोग्य सेतु एप और आयुष कवच कोविड एप को डाउनलोड करने के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास करें।
  • इससे उनके स्वास्थ्य संबंधी स्थिति ऐप पर अपडेट होती रहेगी। इससे खतरों के प्रति संवेदनशील व्यक्तियों को समय रहते चिकित्सकीय सहायता प्रदान की जा सकेगी।

कंटेनमेंट जोन के लागू व्यवस्था

  • कंटेनमेंट जोन में सफाई और डोर स्टेप डिलेवरी की अनुमति होगी
  • चिकित्सीय आपातकालीन स्थिति, आवश्यक वस्तुओं व सेवाओं के अलावा किसी को जाने की अनुमति नहीं
  • यहां सघन कांटेक्ट ट्रेसिंग, हाउस टू हाउस सर्विलांस और जरूरी चिकित्सीय गतिविधियों की अनुमति होंगी
  • कंटनमेंट जोन के बाहर नए केस होने की संभावना वाले क्षेत्र को बफर जोन चिह्नित किया जाएगा

    कंटेनमेंट जोन शहरी क्षेत्र

  • एक केस वाले क्षेत्र को 250 मीटर के रेडियस में या पूरे मोहल्ले कंटेनमेंट घोषित किया जाएगा
  • एक से ज्यादा केस होने पर 500 मीटर के रेडियस में कंटनमेंट जोन होगा। इसके बाद 250 मीटर में बफर जोन होगा।

बहुमंजिला सोसायटियों की व्यवस्था

  • बहुमंजिला भवनों, टॉवर वाली सोसायटियों में एक फ्लोर पर एक या इससे अधिक सक्रिय केस होने पर इसे कंटनमेंट जोन घोषित किया जाएगा।
  • एक अधिक टॉवरों में सक्रिय केस मिलने पर टॉवर के साथ पार्क, जिम, स्विमिंग पुल, बैंक्वेट हाल को कंटेनमेंट घोषित कर बंद किया जाएगा।

वाणिज्यिक, औद्योगिक व कर्यालय भवन

  • काम करते हुए सक्रिय मरीज मिलने वाले स्थान को 24 घंटे के लिए बंद कर सैनिटाइजेशन कराया जाएगा
  • पूर्णरूप से सैनिटाइज करने के बाद ही इसका पुन: इस्तेमाल किया जाएगा

बहुमंजिला टावर की व्यवस्था

  • सिंगल फ्लोर पर सक्रिय केस मिलने पर उसे सील कर दिया जाएगा
  • एक से अधिक फ्लोर पर सक्रिय केस मिलने पर पूरा टॉवर सील होगा
  • पूरी तरह से इसे सैनिटाइज कराने के बाद ही इसे खोल जा सकेगा

कंटेनमेंट जोन ग्रामीण क्षेत्र

  • एक केस वाले ग्राम के संबंधित मजरे को बंद किया जाएगा
  • एक से अधिक केस होने पर गांव का मजरा कंटेनमेंट जोन में होगा। इसके इर्द-गिर्द पड़ने वाले दूसरे राजस्व ग्राम व मजरे बफर जोन में होंगे

केंद्र सरकार की  गाइडलाइंस : 

  • आठ जून से जिन गतिविधियों को अनुमति दी जाएंगी उनमें लोगों के लिए धार्मिक स्थल, होटल, रेस्तरां एवं अन्य होटल सेवाएं शामिल होंगी। 
  • आठ जून से शॉपिंग मॉल खोलने की अनुमति होगी। 
  • राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के साथ विचार-विमर्श कर स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक, प्रशिक्षण, कोचिंग संस्थान खोले जाएंगे। 
  • शैक्षणिक संस्थानों को जुलाई से खोलने को लेकर राज्य, केंद्र शासित प्रदेश अभिभावकों, अन्य संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श करेंगे। 
  • रात में कर्फ्यू के समय की समीक्षा होगी, पूरे देश में अब रात नौ बजे से सुबह पांच बजे तक लोगों के घूमने-फिरने पर प्रतिबंध होगा
  • स्थिति का आकलन करने के बाद अंतररष्ट्रीय हवाई यात्रा, मेट्रो ट्रेन, सिनेमा हाल, जिम, राजनीतिक सभाओं इत्यादि पर निर्णय लिया जाएगा। 
  • कंटेनमेंट जोन में लॉकडाउन 30 जून तक जारी रहेगा, इन क्षेत्रों का निर्धारण जिला प्रशासन करेगा
  • कंटेनमेंट जोन के बाहर बफर क्षेत्रों, जहां संक्रमण के मामले आने की ज्यादा संभावना है, की पहचान राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश करेंगे । 
  • बफर जोन में जरूरत के आधार पर जिला प्रशासन पाबंदियां लगा सकता है 
  • परिस्थितियों के अनुरुप राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश निषिद्ध क्षेत्रों के बाहर कुछ गतिविधियों पर रोक लगा सकते हैं या पाबंदियां लागू कर सकते हैं 

नोएडा और गाजियाबाद जिला प्रशासन को लेना होगा फैसला

यूपी सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन में नोएडा और गाजियाबाद जिला प्रशासन को इस बात फैसला लेना है कि दिल्ली बार्डर को खोला जाए या नहीं। वैसे बताया गया है कि दिल्ली के हॉटस्पाट से आने वालों को यूपी में इंट्री नहीं मिलेगी। दरअसल नोएडा जिला प्रशासन ने 22 अप्रैल से दिल्ली बॉर्डर को सील कर रखा है और दिल्ली की ओर से सिर्फ उन्हीं लोगों को आने दिया जा रहा है, जिनके पास इसके लिए अधिकृत अनुमति है। इस बॉर्डर पर छूट देने की मांग नोएडा और दिल्ली दोनों ही ओर के लोग लंबे समय से उठा रहे हैं, लेकिन अभी तक छूट नहीं मिली है। 

Saurabh Bhatt

सौरभ भट्ट पिछले दस सालों से मीडिया से जुड़े हैं। यहां से पहले टेलीग्राफ में कार्यरत थे। इन्हें कई छोटे-बड़े न्यूज़ पेपर, न्यूज़ चैनल और वेब पोर्टल में रिपोर्टिंग और डेस्क पर काम करने का अनुभव है। इनकी हिन्दी और अंग्रेज़ी भाषा पर अच्छी पकड़ है। साथ ही पॉलिटिकल मुद्दों, प्रशासन और क्राइम की खबरों की अच्छी समझ रखते हैं।

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