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मुख्यमंत्री योगी ने लॉकडाउन 4.0 की तैयारी को लेकर टीम- 11 के साथ की बैठक

लखनऊ। कोरोना महामारी साबित हो चुके कोविड-19 के लगातार बढ़ते संक्रमण के बीच में अब लॉकडाउन 4.0 की तैयारी है। इसमें काफी राहत मिलने की संभावना तो है, लेकिन ढील की खतरनाक न साबित हो, इसको लेकर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ योजना तैयार कर रहे हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ अपने सरकारी आवास पर टीम-11 के प्रमुखों के साथ ही मंत्रियो से गहन मंथण कर रहे हैं।

सीएम योगी आदित्यनाथ कोरोना संक्रमण पर अपने आवास पर टीम के साथ कामों की समीक्षा के साथ ही सोमवार से लागू होने वाले लॉकडाउन 4.0 की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ आज भी 11 समितियों के अध्यक्षों के साथ बैठक कर रहे हैं। इसमें सबसे अहम चर्चा सोमवार से लागू होने वाले लॉकडाउन 4.0 को लेकर है। इसके साथ सीएम प्रवासी कामगारों के आगमन तथा प्रस्थान को लेकर भी फीड बैक ले रहे हैं। लॉकडाउन 4.0 में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रभाव के साथ ही शहरों में लॉकडाउन 4.0 को लागू करने की प्रक्रिया पर भी चर्चा हो रही है।

लॉकडाउन 4.0 में उत्तर प्रदेश के हॉट केक आगरा के साथ ही मेरठ को भी जरा सी भी राहत नहीं मिलेगी। देश में लॉकडाउन 3.0 का आज अंतिम दिन है। इसके बाद सोमवार से लॉकडाउन 4.0 की शुरुआत होगी। उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के मद्देनजर लॉकडाउन-4 में देश के 30 शहरों तथा नगरपालिका क्षेत्रों में शामिल आगरा व मेरठ में कोई राहत मिलने के आसार नहीं हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन 4.0 की अनौपचारिक घोषणा की थी। चार से 17 मई तक चालू लॉकडाउन 3.0 में उन जिलों में काफी छूट और रियायतें दी गईं, जहां शुरुआत में कोविड -19 के मामले सामने नहीं आए और प्रतिबंधों में ढील दी गई थी।

देश तथा प्रदेश में लॉकडाउन के चौथे चरण में रेड जोन के खतरनाक क्षेत्र में भी राहत के आसार नहीं हैं। सरकार ने कोरोना प्रबंधन को लेकर शहरी क्षेत्रों के लिए जो दिशा-निर्देश तैयार किए हैं, उनमें कलस्टर संक्रमण वाले क्षेत्रों में इस महामारी की रोकथाम के लिए सख्ती बरतने की बात कही गई है। भारत में कोरोना वायरस के करीब 86 हजार से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें करीब 68 फीसदी मामले सिर्फ महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात और दिल्ली को मिलाकर हैं।

Saurabh Bhatt

सौरभ भट्ट पिछले दस सालों से मीडिया से जुड़े हैं। यहां से पहले टेलीग्राफ में कार्यरत थे। इन्हें कई छोटे-बड़े न्यूज़ पेपर, न्यूज़ चैनल और वेब पोर्टल में रिपोर्टिंग और डेस्क पर काम करने का अनुभव है। इनकी हिन्दी और अंग्रेज़ी भाषा पर अच्छी पकड़ है। साथ ही पॉलिटिकल मुद्दों, प्रशासन और क्राइम की खबरों की अच्छी समझ रखते हैं।

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