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तब्‍लीगी जमात से जुड़े 2200 विदेशी जमातियों पर कार्रवाई, 10 साल तक भारत में एंट्री बैन

नई दिल्‍ली। तबलीगी जमात की गतिविधियों में शामिल होने के कारण 960 विदेशी नागरिकों की भारत यात्रा 10 साल के लिए प्रतिबंधित की गई। इन सभी पर आरोप है कि कोरोना वायरस के संक्रमण शुरुआती दौर में इन्होंने गैरकानूनी तरीके से भीड़ इकट्ठा की, जिससे यह वायरस तेजी से फैला और फिर इसकी चपेट में देश के कई राज्यों के लोग आए। शुरुआती दौर में इनके कारण करीब एक तिहाई लोगों और 17 राज्‍यों में संक्रमण फैला और काफी लोगों की मौत हुई।

निजामुद्दीन मरकज में इकट्ठे हुए तब्‍लीगी जमात के लोगों की वजह से देश में कोरोना के कई मामले सामने आए थे। विभिन्न राज्यों में जाने से कोरोना तेजी से फैल गया था और इसके बाद मौलाना साद की भी काफी आलोचना हुई। वह आज भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। इस कड़ी में दिल्‍ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने पिछलेे  बृहस्पतिवार को दक्षिण दिल्ली स्थित साकेत कोर्ट में 12 नई चार्जशीट दाखिल की, जिसमें 541 विदेशी नागरिकों को आरोपित बनाया गया। पुलिस अब तक कुल 47 चार्जशीट फाइल कर चुकी है, जिसमें 900 से अधिक जमातियों को आरोपित बनाया गया है।

इन देशों के नागरिक किए गए ब्लैकलिस्टेड    

सूत्रों के मुताबिक, ब्लैकलिस्ट किए गए 2200 विदेशियों में नाइजीरिया, माली,  म्यांमार, थाईलैंड, तंजानिया, केन्या, श्रीलंका, जिबूती, यूके (OCI कार्ड धारक), दक्षिण, अफ्रीका,  बांग्लादेश ऑस्ट्रेलिया और नेपाल के नागरिक शामिल हैं।

तेलंगाना से लेकर यूपी-बिहार और झारखंड तक तमाम राज्यों में कई मस्जिदों से 700 से ऊपर विदेशी पकड़े गए थे। इनमें से ज्यादातर टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे। निजामुद्दीन मरकज में 216 विदेशियों के अलावा लखनऊ में 13, रांची के मस्जिदों में 30, पटना के मस्जिदों में 10 विदेशी पकड़े गए हैं।

इन सभी पर आरोप है कि कोरोना वायरस के संक्रमण शुरुआती दौर में इन्होंने गैरकानूनी तरीके से भीड़ इकट्ठा की, जिससे यह वायरस तेजी से फैला और फिर इसकी चपेट में देश के कई राज्यों के लोग आए। शुरुआती दौर में इनके कारण करीब एक तिहाई लोगों और 17 राज्‍यों में संक्रमण फैला और काफी लोगों की मौत हुई।

निजामुद्दीन मरकज में इकट्ठा हुए थे हजारों लोग  

15 मार्च के आसपास देश में कोरोना वायरस का संक्रमण देश में फैलने के साथ 25 मार्च सेलॉकडाउन की शुरुआत हो गई थी, लेकिन दिल्‍ली में धारा 144 लागू होने के बावजूद हजारों जमाती हजरत निजामुद्दीन स्थित तब्‍लीगी मरकज में कई दिनों तक इकट्ठा रहे। इस दौरान कई कथित ऑडियो भी सामने आए, जिसमें हजरत निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी मरकज के मुखिया मौलाना साद यह कह रहे थे कि कोरोना वारयस से डरने की जरूरत नहीं है।

मौलाना साद की हुई थी काफी आलोचना  

निजामुद्दीन मरकज में इकट्ठे हुए तब्‍लीगी जमात के लोगों की वजह से देश में कोरोना के कई मामले सामने आए थे। विभिन्न राज्यों में जाने से कोरोना तेजी से फैल गया था और इसके बाद मौलाना साद की भी काफी आलोचना हुई। वह आज भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

इस कड़ी में दिल्‍ली पुलिस ने पिछले बृहस्पतिवार को साकेत कोर्ट में 12 नई चार्जशीट दाखिल की, जिसमें 541 विदेशी नागरिकों को आरोपित बनाया गया। पुलिस अब तक कुल 47 चार्जशीट फाइल कर चुकी है, जिसमें 900 से अधिक जमातियों को आरोपित बनाया गया है।

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