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लखनऊ मेट्रो ने की देश में सबसे तेज राइडरशिप रिकवरी, यात्री संख्या 31 हजार के पार

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लखनऊ: सुरक्षित साधन के रूप में शहर वासियों का लखनऊ मेट्रो पर भरोसा लगातार बरकरार है. लखनऊ मेट्रो की राइडरशिप सोमवार रात 10 बजे तक 31 हजार के पार हो गई. 31 हजार यात्रियों की यह संख्या लखनऊ मेट्रो की पहले की राइडरशिप का लगभग 50 फीसदी है. लॉकडाउन के बाद सात सिंतबर से लखनऊ में मेट्रो सेवा के फिर से शुरु होने के बाद 31 हजार की संख्या सबसे ज्यादा है. साथ ही साथ दूसरे शहरों की मेट्रो सेवाओं की तुलना में इसमें सबसे तेज राइडरशिप रिकवरी भी हुई है.

दिल्ली मेट्रो की राइडरशिप देश में सर्वाधिक रही है, लेकिन उनकी मौजूदा राइडरशिप लगभग 16 लाख है. ये अपनी पूर्व की राइडरशिप का 30-35 फीसदी ही हासिल कर सकी हैं. इसी तरह बेंगलुरु मेट्रो, कोच्चि मेट्रो, हैदराबाद मेट्रो, जयपुर मेट्रो समेत लगभग सभी मेट्रो ट्रेन अभी तक अपनी पूर्व की अधिकतम राइडरशिप (यात्री संख्या) का 20-30 फीसदी ही हासिल कर पाई हैं.

उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के तहत लखनऊ मेट्रो ने कोविड के दौरान मेट्रो परिचालन में सैनिटाइजेशन, साफ सफाई, कॉन्टैक्टलेस ट्रेवल या फिर यात्रियों को सामाजिक दूरी के साथ सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मुहैया करवाने के लिए सभी प्रयास किए. लखनऊ के लोगों ने भी यात्रा के लिए किसी अन्य साधन की तुलना में शहर के अंदर मेट्रो को सबसे सुरक्षित साधन के रूप में अपनाया है.

मेट्रो रेल कॉर्पोरशन प्रबंधन ने यात्रियों का भरोसा हासिल करने के लिए सोशल मीडिया से लेकर तमाम जागरूकता अभियान चलाए. यात्री स्मार्टकार्ड के जरिए सस्ती यात्रा से लेकर बेहद सुरक्षित अल्ट्रा वॉयलेट किरणों के जरिए सैनिटाइज टोकन का इस्तेमाल कर रहे हैं.

यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने कहा कि हम लखनऊ के लोगों का तहे दिल से आभार व्यक्त करते हैं कि उन्होंने न सिर्फ लखनऊ मेट्रो पर भरोसा जताया, बल्कि इसे यात्रा के सबसे सुरक्षित साधन के विकल्प के तौर पर चुना. उन्होंने कहा कि मैं शहरवासियों को फिर से भरोसा दिलाना चाहता हूं कि कोविड-19 के इस मुश्किल समय में भी हम आपको सबसे सुरक्षित और सुगम यात्रा सेवा प्रतिबद्धता के साथ मुहैया कराते रहेंगे.

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