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कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कोवैक्सीन पर उठाए सवाल, बोले- भारतीय कोई गिनी सूअर नहीं हैं

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भारत में कोरोना की दो-दो वैक्सीन को मंजूरी दी गई है। इसको लेकर सियासत भी जारी है। भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने बुधवार को कहा कि COVID-19 वैक्सीन ‘कोवैक्सीन’ के तीसरे चरण का परीक्षण अभी बाकी है। ऐसे में इसके आपातकालीन उपयोग की मंजूरी चिंता बढ़ा रही है। वह यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि भारतीय “गिनी सूअर” नहीं हैं।

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए मनीष तिवारी ने कहा, “कोवैक्सीन को सरकार द्वारा आपातकालीन उपयोग के लिए लाइसेंस दिया गया था। अब सरकार कह रही है कि जिसे टीके लगेंगे उसके पासे चयन करने का ऑप्शन नहीं होगा। जब कोवैक्सीन के तीसे चरण का परीक्षण पूरा नहीं हुआ है, तो यह इसकी प्रभावकारिता पर सवाल उठाता है।”

पूर्व केंद्रीय मंत्री और महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता ने कहा कि सरकार को इस तरह से कार्य करना चाहिए जिससे लोगों में पूरा विश्वास हो। उन्होंने कहा, “किसी भी सरकार को कोवैक्सीन को तब तक रोल आउट नहीं करना चाहिए जब तक कि इसकी प्रभावकारिता और विश्वसनीयता पूरी तरह से स्थापित नहीं हो जाती और तीसरे के परीक्षण समाप्त हो जाते हैं। ऐसे तरीके से कार्य करना चाहिए जिससे लोगों में पूर्ण विश्वास हो। आप तीसरे चरण के परीक्षण के रूप में रोलआउट का उपयोग नहीं कर सकते हैं। भारतीय हैं, गिनी सूअर नहीं।”

आपको बता दें कि कोवैक्सीन भारत बायोटेक द्वारा विकसित ICVR के सहयोग से COVID-19 के खिलाफ एक स्वदेशी टीका है।नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल ने मंगलवार को कहा था कि हजारों लोगों पर कोविशिल्ड और कोवैक्सीन का परीक्षण किया गया है और दुष्प्रभाव नगण्य हैं। उन्होंने कहा कि दोनों ”टीकों में सबसे सुरक्षित हैं।” कोरोना टीकाकरण अभियान का पहला चरण 16 जनवरी से शुरू होने वाला है।

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